Prayagraj News: बारिश की फुहार में लगी कतार और पूजे गए नागदेव

हिन्दुस्तान, प्रयागराज
Follow us on Google News
share

Prayagraj News: प्रयागराज में सावन के तीसरे सोमवार पर नागपंचमी का पर्व भगवान भोलेनाथ की आस्था से सराबोर दिखाई दिया। भोर में 3:30 बजे दारागंज स्थित भगवान नागवासुकि मंदिर में पंचद्रव्य से अभिषेक किया गया। बारिश के बीच भक्त भगवान को दूध-लावा चढ़ाते रहे। चार प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से लेकर देर रात तक जलाभिषेक जारी रहा।

बारिश की फुहार में लगी कतार और पूजे गए नागदेव
बारिश की फुहार में लगी कतार और पूजे गए नागदेव

Prayagraj News: प्रयागराज, संवाददाता। सावन के तीसरे सोमवार पर दुर्लभ संयोग में नागपंचमी का पर्व भगवान भोलेनाथ की आस्था से सराबोर दिखाई दिया। भोर में 3:30 बजे दारागंज स्थित भगवान नागवासुकि मंदिर में मुख्य पुजारी पं. श्यामधर त्रिपाठी के आचार्यत्व में भगवान का पंचद्रव्य से अभिषेक शुरू किया गया।

शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़

वहीं श्रीमनकामेश्वर महादेव, दशाश्वमेध महादेव, कोटेश्वर महादेव व सोमेश्वर महादेव मंदिर के परिसर में बारिश की फुहारों के बीच भक्तों की लंबी कतार लगी रही। भगवान नागवासुकि का अभिषेक व दर्शन के लिए भोर में 4:15 बजे मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शन-पूजन के लिए खोल दिए गए। बारिश के बीच सुबह सात बजे भीगते हुए श्रद्धालु भगवान को दूध-लावा व फूलमाला चढ़ाते रहे।

विशेष पूजा का आयोजन

सुबह आठ बजे मंदिर परिसर में कालसर्प दोष और राहु-केतु शांति के लिए विशेष पूजा भी शुरू हुई। दर्जनों की संख्या में दिनभर परिजनों की उपस्थिति में अपने-अपने पुरोहितों से अनुष्ठाने कराते रहे। तक्षक तीर्थ, दरियाबाद में भी दिनभर विशेष पूजा के साथ दूध-लावा चढ़ाने के लिए लोग पहुंचते रहे।

जलाभिषेक का उत्सव

बारिश के बीच चारों प्रमुख शिव मंदिरों में भोर में 3:30 बजे से चार बजे तक भगवान भोलेनाथ की मंगलाआरती और अभिषेक किया गया। मंदिरों में कपाट खोले जाने के दौरान परिसरों में ना केवल भक्तों का समूह दिखाई दिया बल्कि आस्था ऐसी दिखाई दी कि अधिकतर भक्त एक हाथ में दूध, बेलपत्र, भांग, धतूरा व गंगाजल लिए हुए दिखे तो दूसरे हाथ से छाता पकड़े रहे। हर-हर महादेव व बोल-बम, बोल-बम के जयकारों से परिसर गूंजित होता रहा। भोर से लेकर देर रात की शृंगार आरती के दौरान तक जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक किया जाता रहा。

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नागपंचमी का पर्व कब मनाया गया?
नागपंचमी का पर्व सावन के तीसरे सोमवार को मनाया गया।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।