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प्रयागराज

आबादी रोकने में पुरुषों से अधिक महिलाएं सजग

हिन्दुस्तान टीम,प्रयागराजPublished By: Newswrap
Fri, 23 Jul 2021 02:30 PM
आबादी रोकने में पुरुषों से अधिक महिलाएं सजग

आबादी रोकने के प्रति पुरुषों की तलुना में महिलाएं अधिक सजग हैं। जनसंख्या स्थिरता के आंकड़े इसका प्रमाण है। पुरुषों की सक्रियता कम होने से विभाग भी परेशान है। नसबंदी नहीं कराने का प्रमुख कारण पुरुषों को किसी बीमारी या कमजोरी का डर सता रहा है। हालांकि इस भ्रम को दूर करने के लिए विभाग उन्हें जागरूक भी कर रहा है।

जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा 11 जुलाई से मनाया जा रहा है। इसके तहत महिला-पुरुष की नसबंदी कराने का लक्ष्य विभाग ने रखा है। महिलाओं में तो इसको लेकर जागरूकता है, पर पुरुष नसबंदी से कतरा रहे हैं। पखवाड़े के अंतर्गत दस दिन में सिर्फ 51 पुरुषों ने ही नसबंदी कराई है, जबकि महिलाओं की संख्या 302 है। एसीएमओ डॉ सत्येन राय भी मानते हैं कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं अधिक सजग हैं। पुरुष नसबंदी कराने नहीं आ रहे हैं। इसे लेकर लक्ष्य पर असर पड़ रहा है। पुरुषों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।

सालभर में सिर्फ 241 पुरुषों की नसबंदी :

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2020 से मार्च 2021 के दौरान जिले के सिर्फ 241 पुरुष ही नसबंदी कराने आगे आए। अगर महिलाओं की बात करें तो यह संख्या काफी ज्यादा रही। सालभर में जिले की 15 हजार आठ सौ छह महिलाओं ने नसबंदी कराई।

शहरियों में दिलचस्पी नहीं :

वरिष्ठ परिवार नियोजन विशेषज्ञ मुकेश श्रीवास्तव के अनुसार, जनसंख्या स्थिरता में गांव के लोग अधिक जागरूक हैं, जबकि शहरियों में नाममात्र के ही आगे आए हैं। पखवारा के तहत 51 पुरुषों में से सिर्फ तीन शहर के हैं। वहीं 90 फीसदी महिलाएं गांव की ही हैं। शहर की महिलाएं नसबंदी के प्रति दिलचस्पी कम दिखा रही हैं।

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