पुलिस के डंडे से नहीं, मां के आंसुओं से कबूला प्रेमिका का कत्ल

Piyush Kumar Srivastava हिन्दुस्तान, प्रयागराज
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प्रयागराज में 17 वर्षीय नाबालिग हत्यारोपी ने अपनी मां के आंसुओं के आगे सच कबूल किया। प्रेमिका की हत्या के मामले में पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने 20 अप्रैल को लड़की की हत्या की। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर लड़की का कंकाल बरामद किया, जिससे परिवार में कोहराम मच गया।

पुलिस के डंडे से नहीं, मां के आंसुओं से कबूला प्रेमिका का कत्ल

प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। 17 दिन तक पुलिस पूछताछ में गुमराह करता रहा नाबालिग हत्यारोपी आखिरकार अपनी मां के आंसुओं के आगे टूट गया। मऊआइमा इलाके में प्रेमिका की हत्या के मामले में पुलिस का डंडा सच नहीं उगलवा सका, लेकिन मां के रोते हुए एक सवाल ने बेटे से पूरा राज कबूल करा दिया। इसके बाद आरोपी की निशानदेही पर शारदा सहायक नहर किनारे झाड़ियों से किशोरी का कंकाल बरामद हुआ। यह दृश्य देखकर परिजन बेसुध हो गए।

लड़की का लापता होना

सरायइनायत थानाक्षेत्र के एक ऑटो चालक की 17 वर्षीय बेटी 20 अप्रैल से लापता थी। वह नौवीं की छात्रा थी और बहरिया के एक नाबालिग लड़के से उसका प्रेम संबंध था। परिवार को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने रिश्ते का विरोध शुरू कर दिया। अगले ही दिन लड़की के परिजनों ने सरायइनायत थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि लड़का उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। साथ ही घर से नकदी और जेवर ले जाने की बात भी कही गई।

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पुलिस की लापरवाही

परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने शुरुआती दिनों में गंभीरता नहीं दिखाई। कई दिनों तक थाने के चक्कर लगाने के बाद बुधवार रात पुलिस ने आरोपी किशोर को हिरासत में लेकर फिर पूछताछ शुरू की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी लगातार बयान बदल रहा था और खुद को बेगुनाह बताता रहा।

मां का आंसू और कबूलनामे का पल

इसी दौरान उसकी मां को थाने बुलाया गया। बताया जाता है कि मां बेटे के सामने फूट-फूटकर रोने लगी और पूछा, “सच बता दो, लड़की कहां है?” मां की हालत देखकर आरोपी टूट गया। उसने कबूल किया कि प्रेमिका शादी का दबाव बना रही थी, जिससे छुटकारा पाने के लिए उसने 20 अप्रैल की रात उसकी हत्या कर दी।

हत्या का तरीका

आरोपी ने बताया कि वह लड़की को मऊआइमा के सराय बादशाह कुली के पास शारदा सहायक नहर किनारे सुनसान इलाके में ले गया। वहां दुपट्टे से गला घोंटने के बाद चाकू से कई वार किए और शव को झाड़ियों के बीच गड्ढे में फेंक दिया। ऊपर से टहनियां और झाड़ियां डाल दीं ताकि किसी को शक न हो।

कंकाल की पहचान

गुरुवार को आरोपी की निशानदेही पर पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां सिर्फ कंकाल और कपड़े मिले। करीब 17 दिन तक खुले में पड़े शव को आवारा कुत्ते और कौवे नोच चुके थे। कई अंग गायब थे। कपड़ों के आधार पर परिजनों ने किशोरी की पहचान की। बेटी का कंकाल देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।

एसीपी अरुण पराशर ने बताया कि आरोपी से पहले भी पूछताछ की गई थी, लेकिन वह लगातार गुमराह करता रहा। बुधवार को मां के सामने पूछताछ के दौरान उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। वहीं, परिजनों ने मामले में पुलिस की शुरुआती लापरवाही पर सवाल उठाए हैं。

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाबालिग लड़की कब से लापता थी?
नाबालिग लड़की 20 अप्रैल से लापता थी।

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Piyush Kumar Srivastava

लेखक के बारे में

Piyush Kumar Srivastava

शॉर्ट बायो: पीयूष श्रीवास्तव पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ प्रयागराज में रेलवे, रोडवेज, एयरवेज, बिजली और बिजनेस की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।


परिचय एवं अनुभव
पीयूष श्रीवास्तव भारतीय प्रिंट व डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में पीयूष ‘हिन्दुस्तान’ अखबार व ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बिजनेस, बिजली व परिवहन की खबरों को देख रहे हैं। 2015 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।


करियर का सफर
पीयूष श्रीवास्तव ने अपने करियर की शुरुआत दिसंबर 2007 में ‘आई नेक्स्ट, दैनिक जागरण’ अखबार से की थी। इस दौरान क्राइम की खबरों पर महारत हासिल की। जून 2015 में ‘हिन्दुस्तान’ अखबार प्रयागराज में सेवाएं देना शुरू किया। 2015 से 2024 तक क्राइम की रिपोर्टिंग की। वर्तमान में रेलवे, रोडवेज और एयरवेज के साथ ही बिजली और अर्थ-व्यापार से जुड़ी खबरें लिख रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। स्टेट यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली। उसी वक्त से लगातार प्रिंट मीडिया में सक्रिय रहे हैं। शुरूआती दौर में क्राइम रिपोर्टिंग और अब रेलवे, रोडवेज, एयरवेज के साथ ही बिजली, बिजनेस और परिवहन की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।


रिपोर्टिंग और विजन
बिजली, परिवहन, बिजनेस, क्राइम की गतिविधियों की खबरों के साथ ही माघ मेला व कुम्भ मेला में रिपोर्टिंग का पीयूष श्रीवास्तव का लंबा अनुभव है। वर्ष 2025 में प्रयागराज में आयोजित सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुम्भ के दौरान रिपोर्टिंग टीम का नेतृत्व कर महाकुम्भ की कई स्पेशल स्टोरी की। 2013 के महाकुम्भ और 2019 के कुम्भ की रिपोर्टिंग का भी अनुभव है। पीयूष का मानना है कि सत्य, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए जनता की आवाज़ को सशक्त मंच देना ही पत्रकार का मुख्य दायित्व है।


विशेषज्ञता
प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड की रिपोर्टिंग का अनुभव।
प्रयागराज के चर्चित अतीक-अशरफ हत्याकांड की खास रिपोर्टिंग।
रेलवे, रोडवेज और एयरवेज की खबरों पर पैनी नजर।
जीएसटी के जानकार, व्यापारियों की समस्याओं की गहरी समझ।

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