स्नानार्थियों की भीड़ हटी तो संगम पर उमड़े शहरी
Prayagraj News - माघ मेला के पहले स्नान पर्व पर संगम क्षेत्र में शहरवासियों का बड़ा जमावड़ा हुआ। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं ने घाटों पर डुबकी लगाई। कल्पवासियों के शिविर में भी चहल-पहल रही। शाम होते-होते भीड़ बढ़ती गई और वाहनों की आवाजाही पर रोक लगानी पड़ी।

माघ मेला के पहले स्नान पर्व (पौष पूर्णिमा) के एक दिन बाद संगम क्षेत्र में शहरवासियों का रेला उमड़ा। शाम तक मेला क्षेत्र में स्नान पर्व की तरह ही भीड़ दिखाई पड़ने लगी। कल्पवासियों के शिविर में सुबह से शाम तक चहल-पहल बनी रही। कड़ाके की ठंड के बावजूद संगम व अन्य स्नान घाटों पर सुबह से श्रद्धालु डुबकी लगाते रहे। बड़े हनुमान मंदिर में सुबह से दोपहर तक श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। संगम में डुबकी लगाने के लिए कल्पवासियों के साथ शिविरों में ठहरे परिजन भी शामिल थे। सुबह सात बजे के बाद स्थानीय लोगों का रेला घाटों पर डुबकी लगाने के लिए पहुंचने लगा।
माघ मेला में सुबह की चहल-पहल दोपहर तक बनी रही है। इसके बाद कुछ देर के लिए मेले में भीड़ कम हो गई। मेला क्षेत्र में भीड़ कम हुई, लेकिन घाटों पर लोग नौका विहार के लिए लाइन लगाकर खड़े थे। खासकर यमुना के घाटों पर सुबह से शाम तक एक तरह की भीड़ बनी रही। आम दिनों में वीरान रहने वाले यमुना किनारे कालीघाट पर सर्वाधिक भीड़ थी। दोपहर तीन बजे के बाद अचानक शहरी परिवार के साथ माघ मेला में पहुंचने लगे। शाम को मेला क्षेत्र की सड़कों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई। वाहनों की भीड़ को देखते हुए संगम जाने वाले कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रोकी गई। शाम से ठंड बढ़ी, लेकिन देर रात तक भीड़ बनी रही।
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