DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तर प्रदेश  ›  प्रयागराज  ›  कोरोना संकट में नकली दवा बेचने वालों की कॉल डिटेल से खुले कई राज

प्रयागराजकोरोना संकट में नकली दवा बेचने वालों की कॉल डिटेल से खुले कई राज

हिन्दुस्तान टीम,प्रयागराजPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 04:31 AM
कोरोना संकट में नकली दवा बेचने वालों की कॉल डिटेल से खुले कई राज

प्रयागराज। वरिष्ठ संवाददाता

ब्लैक फंगस का नकली इंजेक्शन बेचने वाले प्रयागराज के दोनों दवा कारोबारियों की कॉल डिटेल से कई राज खुले हैं। पता चला है कि उसने ब्लैक फंगस की दवा बेचने के लिए 15 दिन से डेढ़ हजार से अधिक लोगों से संपर्क किया था। कॉल डिटेल के आधार पर कानपुर पुलिस मामले की तह तक जाने में लगी है। इधर, प्रयागराज में भी दवा व्यापारियों के होश उड़े हैं।

ब्लैक फंगस के इलाज में प्रयोग होने वाले एमफोनेक्स इंजेक्शन (एम्फोटेरेसिन बी साल्ट) नकली बेचने में नैनी के पंकज अग्रवाल व कालिंदीपुरम के मधुरम बाजपेई को कानपुर पुलिस गिरफ्तार करके ले गई थी। दोनों ने लखनऊ की एक कंपनी से तालमेल करके नकली इंजेक्शन कानपुर के एक व्यक्ति को बेचा था। पुलिस ने दोनों को जेल भेजने के बाद उनकी कॉल डिटेल निकाली। सीडीआर से पुलिस प्रयागराज, कानपुर और लखनऊ में इस गोरखधंधे में जुड़े लोगों की छानबीन कर रही है। इससे पहले भी प्रयागराज में नकली दवा बेचने के आरोप में कई लोग पकड़े जा चुके हैं। अतरसुइया और खुल्दाबाद थाने से दवा व्यापारियों को पुलिस ने नकली दवा बेचने के आरोप में वांछित किया है। अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इन आरोपियों ने नकली दवा रखने के लिए पुराने शहर में अलग गोदाम बनाया था। ऐसे में शक जताया जा रहा है कि ब्लैक फंगस का नकली इंजेक्शन बेचने वाले पंकज अग्रवाल और मधुरम भी कोई गोदाम न बनाए हों, हालांकि पुलिस उनके पास से कोई इंजेक्शन बरामद नहीं कर सकी।

संबंधित खबरें