Hindi NewsUttar-pradesh NewsPrayagraj NewsMahashivratri 2024 Astrological Significance of Planetary Alignments on February 15
शिव की आराधना को शक्तिशाली बनाएगी शिवरात्रि

शिव की आराधना को शक्तिशाली बनाएगी शिवरात्रि

संक्षेप:

Prayagraj News - महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन ग्रह-नक्षत्रों का विशेष संयोग बनेगा, जो भगवान शिव की आराधना को शक्ति देगा। निदेशक पं. दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि इस दिन विभिन्न योगों का निर्माण होगा, जो भक्तों के लिए पुण्य और समृद्धि लाएगा।

Feb 09, 2026 11:20 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, प्रयागराज
share Share
Follow Us on

प्रयागराज। भगवान शिव की आराधना का पर्व महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्योदय से लेकर देर रात तक ग्रह-नक्षत्रों का कई ऐसा संयोग बन रहा है जो पर्व की महत्ता को शक्तिशाली बनाएगा। उत्थान ज्योतिष एवं अध्यात्म संस्थान के निदेशक पं. दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि इस दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र सूर्योदय शाम 7.26 बजे तक व्याप्त रहेगा तो व्यतिपात योग रात 2.45 बजे तक है और अमृत नामक औदायिक योग भी बन रहा है। इस दिन संपूर्ण दिन व रात चंद्रमा शनि की पहली राशि मकर में, मंगल शनि की राशि मकर में, बुध शनि की दूसरी राशि कुम्भ में, देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्चाभिलाषी स्थिति मिथुन राशि में, शुक्र शनि की दूसरी कुम्भ में और शनि देव गुरु बृहस्पति की राशि मीन में गोचर करेंगे।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

केतु सिंह राशि में तो राहु कुम्भ राशि में गोचर करेंगे। इस प्रकार मकर राशि में त्रिग्रहीय और महालक्ष्मी योग का निर्माण होगा। निदेशक ने बताया कि ग्रह-नक्षत्रों के शक्तिशाली योग में भगवान शिव का ध्यान कर रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जप व पार्वती पूजन करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। श्री स्वामी नरोत्तमानंद गिरि वेद विद्यालय के प्राचार्य ब्रज मोहन पांडेय ने बताया कि महाशिवरात्रि ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत ही खास होने वाली है। कुम्भ राशि में सूर्य, बुध, राहु व शुक्र का मिलन हो रहा है जो एक शक्तिशाली ऊर्जा पैदा करता है। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7.45 बजे से शाम सात बजे तक व्याप्त रहेगा। इस दिन चंद्रमा श्रवण नक्षत्र में रहेंगे। इस नक्षत्र के स्वामी स्वयं भगवान विष्णु हैं और इसके देवता शिव के प्रिय चंद्रमा है। शिवरात्रि पर श्रवण नक्षत्र का होना भगवान विष्णु व शिव के मिलन का प्रतीक माना जाता है। जो भक्तों के लिए सुख व समृद्धि लाने वाला होता है।