वकीलों की हड़ताल से सदर तहसील में रजिस्ट्री ठप
Prayagraj News - वकीलों की हड़ताल के कारण सदर तहसील में दो दिन में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं ने विरोध करते हुए कार्यालय को बंद करा दिया। सिविल लाइंस में एक अधिवक्ता की पिटाई के विरोध में यह हड़ताल की गई है, जिससे लगभग ढाई करोड़ का राजस्व नुकसान हुआ है।

वकीलों की हड़ताल के चलते शुक्रवार को दूसरे दिन भी सदर तहसील में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। सिविल लाइंस में अधिवक्ता से हुई मारपीट के विरोध में अधिवक्ता सुबह 10 बजे ही उप निबंधक सदर प्रथम के कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करने लगे। उनके विरोध को देखते हुए कार्यालय बंद कर दिया गया। जिसके बाद इसकी सूचना जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा को दी गई। सिविल लाइंस के एक शोरूम में दो दिन पहले एक अधिवक्ता से कुछ कर्मचारियों की बहस हो गई थी। आरोप है कि कर्मचारियों ने अधिवक्ता को पीट दिया। जिसके बाद से ही विरोध शुरू हो गया।
गुरुवार को भी जब तहसील सदर का कार्यालय खुला तो अधिवक्ताओं ने विरोध कर दिया। कार्यालय बंद करा दिया गया। शुक्रवार को दूसरे दिन भी कार्यालय खुलते ही हंगामा हो गया। उप निबंधक प्रथम चतुर्भुज पांडेय ने बताया कि हंगामे व विरोध को देखते हुए कार्यालय को बंद कर दिया गया। दो दिनों में लगभग ढाई करोड़ के राजस्व का नुकसान सदर तहसील में सबसे ज्यादा राजस्व प्राप्त होता है। उप निबंधक प्रथम कार्यालय में सबसे ज्यादा राजस्व आता है। क्योंकि यहां सिविल लाइंस, अशोक नगर, टैगोर टाउन, जार्जटाउन, अल्लापुर, तेलियरगंज जैसे क्षेत्रों की रजिस्ट्री होती है, जहां जमीन महंगी है। अफसरों का अनुमान है कि दो दिन में ढाई करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है।
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