आईटीसी जो देय हो वही लें, नोटिस से घबराएं नहीं
Prayagraj News - राज्य कर विभाग ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के बारे में व्यापारियों के बीच भ्रम को दूर करने के लिए संगम सभागार में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि व्यापारियों को केवल वैध आईटीसी का ही लाभ उठाना चाहिए। कार्यक्रम में फर्जी आईटीसी के खिलाफ सतर्क रहने की सलाह दी गई।
इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को लेकर व्यापारियों में फैले भ्रम और नोटिस के डर को दूर करने के उद्देश्य से राज्य कर विभाग की ओर से जिला कलक्ट्रेट स्थित संगम सभागार में व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि व्यापारी केवल वही आईटीसी लें जो वास्तव में देय हो, ऐसे में नोटिस से घबराने की आवश्यकता नहीं रहती और उसका जवाब देना भी आसान होता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने की। अपर आयुक्त ग्रेड-1 राजेश कुमार पांडेय, मूल चन्द्र, दीनानाथ सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान संवाद सत्र में फर्जी फर्मों के माध्यम से फर्जी आईटीसी लेने से सतर्क रहने की सलाह दी गई।
साथ ही पंजीयन, रिटर्न फाइलिंग, मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना और जीएसटी-2.0 के लाभों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में व्यापार मंडलों व अधिवक्ता संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल रहे, जिनमें राणा चावला, सुशील खरबन्दा, हरजिन्दर सिंह, अनिमेष अग्रवाल, महेंद्र गोयल, अनिल कुमार गुप्ता, धनंजय सिंह पटेल, संजय जैन, एडवोकेट राजीव कृष्ण श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव तथा देवव्रत आर्या मौजूद रहे। इस दौरान दुर्घटना बीमा योजना की लाभार्थी अंसिमा पटेल को 10 लाख रुपये की सहायता का उल्लेख करते हुए योजना को व्यापारियों के लिए उपयोगी बताया गया।
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