महिला आरक्षण पर सरकार की कथनी और करनी में अंतर : उज्जवल
Prayagraj News - सांसद उज्जवल रमण सिंह ने महिला आरक्षण विधेयक के लागू न होने पर केंद्र सरकार की निंदा की। उन्होंने कहा कि 2023 में पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' अब तक लागू क्यों नहीं हुआ। सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने भी आरोप लगाया कि सरकार जनता को गुमराह कर रही है। इस अधिनियम के तहत महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित की जाएंगी।

सांसद उज्जवल रमण सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है और केवल दिखावा कर रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक संसद से पारित हो चुका है, तो इसे अब तक लागू क्यों नहीं किया गया। सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने कहा कि सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे पर जनता को गुमराह करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण के लिए एक ऐतिहासिक विधेयक पारित किया गया था, जिसे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (128वां संविधान संशोधन विधेयक) के नाम से जाना जाता है।
उन्होंने बताया कि यह विधेयक 20 सितंबर 2023 को लोकसभा में भारी बहुमत से पारित हुआ था। इसके पक्ष में 454 वोट पड़े, जबकि विरोध में केवल दो वोट पड़े। इसके अगले ही दिन, 21 सितंबर 2023 को राज्यसभा ने भी इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इसके बाद 28 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस विधेयक को मंजूरी दी, जिसके बाद यह 106वां संविधान संशोधन अधिनियम बन गया। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित किए जाने का प्रावधान है। साथ ही एससी और एसटी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों में भी एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
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