उप्र की पांडुलिपियों को एनसीजेडसीसी करेगा डिजिटल
Prayagraj News - भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने ज्ञान भारतम् एप के माध्यम से पांडुलिपियों के डिजिटलकरण का अभियान शुरू किया है। एनसीजेडसीसी को हर जिले से आंकड़े एकत्र करने की जिम्मेदारी दी गई है। पांडुलिपियों की जानकारी 16 जून तक एप पर अपलोड की जानी है, जिसमें तस्वीरें और संपर्क जानकारी शामिल होगी।

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने ज्ञान भारतम् एप के जरिए देशभर की पांडुलिपियों को डिजिटल करने का अभियान चलाया है। अभियान के अंतर्गत उप्र के प्रत्येक जिलों से आंकड़ों को एकत्र करने की जिम्मेदारी उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) को सौंपी है। नोडल अधिकारी एनसीजेडसीसी के सहायक निदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय को नामित किया है। साथ ही जिलों से एकत्र आंकड़ों को 16 जून तक एप पर अपलोड किया जाना है। एनसीजेडसीसी की ओर से पांडुलिपियों को डिजिटल करने के लिए जिलों के संस्कृत विद्यालयों व महाविद्यालयों, मदरसों और पुस्तकालयों से संपर्क करने का अभियान शुरू किया जा चुका है।
जहां भी दुर्लभ पांडुलिपि सही अवस्था में मिलेगी या जीर्णशीर्ण होगी, उसकी जानकारी, किससे प्राप्त हुई उस संस्थान का नाम और उसका मोबाइल नंबर एप पर अपलोड किया जाएगा। इसके लिए एनसीजेडसीसी के कर्मचारी उन जिलों में जाएंगे। अपने मोबाइल से पांडुलिपियों की तस्वीरें खींचेंगे। एक अपने रिकार्ड में रखेंगे और दूसरा एप पर उसकी जानकारी दर्ज करेंगे। नोडल अधिकारी ने बताया कि अंतिम तिथि तक सभी जिलों में पहुंचने का लक्ष्य लेकर कार्य चल रहा है। ताकि पांडुलिपियों की जानकारियों को एप पर अपलोड किया जा सके।
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