
गंगा सिर्फ नदी नहीं आस्था और संस्कार है: न्यायमूर्ति
Prayagraj News - इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने माघ मेला क्षेत्र में गंगा समग्र के शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने गंगा की निर्मलता और पवित्रता बनाए रखने का नैतिक दायित्व बताया। इस कार्यक्रम में गंगा रक्षा संकल्प दिवस और गंगा युवा वाहिनी का अभ्यास वर्ग आयोजित करने की योजना भी साझा की गई।
आरएसएस के अनुषांगिक संगठन गंगा समग्र के माघ मेला क्षेत्र में गंगा लोअर मार्ग व गंगोली शिवाला मार्ग के चौराहा पर लगे शिविर का उद्घाटन इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने किया। न्यायमूर्ति ने कहा कि गंगा सिर्फ नदी नहीं एक आस्था है, एक संस्कार है और हम सबका यह एक नैतिक दायित्व व कर्तव्य है कि इसकी निर्मलता व अविरलता के साथ-साथ इसकी पवित्रता को बनाए रखें। विशिष्ट अतिथि अलोपशंकरी पीठ के श्रीमहंत यमुनापुरी ने कहा कि पद्मपुराण में गंगा व संगम क्षेत्र का वर्णन आया हुआ है इसके पांच कोश के क्षेत्र तक सरस्वती स्वछंद रूप से विचरण करती रहती हैं।
मुख्य वक्ता राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष ने कहा कि जनजागरण से ही गंगा को अविरल व निर्मल किया जा सकता है। जिस गंगा का जल इतना पवित्र, जीवन दायनी व मोक्षदायिनी है, आज उस गंगा की स्थिति दयनीय है। भोगवादी प्रवृत्ति, अनियोजित विकास व अंधभक्ती के कारण गंगा के अस्तित्व पर संकट आया हुआ है। काशी संचालन करते हुए प्रांत संयोजक राकेश मिश्र ने बताया कि माघ नवमी (भीष्म जयंती) को गंगा रक्षा संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाएगा तथा गंगा युवा वाहिनी का अभ्यास वर्ग भी लगाया जाएगा। अजय सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। काशी प्रांत के वृक्ष आयाम प्रमुख आलोक शर्मा ने किया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय संगठन मंत्री संजय, डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव, दिव्या ओझा, शैलेश, डॉ. यशवंत, डॉ. प्रवीण, अवध नारायण, अमरीश, अशोक कलहंस, कमलेश शर्मा, नीलम प्रसाद, अजय द्विवेदी, रामबाबू, डॉ. सनी आदि उपस्थित थे।

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