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‘स्कूलों में मार्गदर्शन और परामर्श सेवाओं को बेहतर करना जरूरी’

‘स्कूलों में मार्गदर्शन और परामर्श सेवाओं को बेहतर करना जरूरी’

संक्षेप:

Prayagraj News - सोमवार को मनोविज्ञानशाला में 'विद्यालयी शिक्षा में निर्देशन एवं परामर्श' विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि भगवती सिंह ने स्कूली बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और शैक्षणिक तनाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मार्गदर्शन केवल वर्तमान के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के लिए भी आवश्यक है।

Feb 09, 2026 08:35 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, प्रयागराज
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मनोविज्ञानशाला में सोमवार को ‘विद्यालयी शिक्षा में निर्देशन एवं परामर्श’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने कहा कि हाल के वर्षों में स्कूली बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं, शैक्षणिक तनाव, नशीले पदार्थों के सेवन, व्यवहार संबंधी कठिनाइयों, सामाजिक कौशल की कमी, साथियों के दबाव तथा आत्मघाती प्रवृत्तियों से जुड़ी बढ़ती चिंताओं ने शैक्षणिक संस्थानों में मार्गदर्शन और परामर्श सेवाओं को सुदृढ़ करने की तत्काल आवश्यकता को उजागर किया है। उन्होंने साफ किया कि निर्देशन केवल वर्तमान के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जो न केवल विद्यार्थी से जुड़ी होती है, बल्कि शिक्षक, अभिभावक तथा संपूर्ण शिक्षा जगत की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।

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विद्यालय न केवल शैक्षणिक विकास में बल्कि बच्चों और किशोरों के मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक तथा सामाजिक कल्याण के निर्माण में भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यालय व्यक्तित्व विकास, मूल्यों के निर्माण, सामाजिक अंतःक्रिया तथा भावनात्मक वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण स्थान होते हैं। मनोविज्ञानशाला के निदेशक पीएन सिंह ने कहा कि शिक्षकों, परामर्शदाताओं, अभिभावकों और नीति-निर्माताओं को मिलकर एक सहायक एवं समावेशी विद्यालय वातावरण के निर्माण के लिए कार्य करना चाहिए, जो विद्यार्थियों के समग्र विकास को पोषित करे और उनके मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करे। बीएचयू के मनोविज्ञान विभाग के प्रो. एचएस अस्थाना, विशिष्ट अतिथि डॉ. दिनेश पांडे, इलाहाबाद विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग के प्रो. संजय, डॉ. जय सिंह, राष्ट्रीय और संचारी रोग कार्य कार्यान्वन अनुसंधान संस्थान जोधपुर की डॉ. मुक्ति खेतान ने भी विचार व्यक्त किया।