बढ़े तारकोल का खर्चा वहन करेगी सरकार, सड़क बनाएं ठेकेदार
प्रयागराज में पश्चिमी एशिया में युद्ध के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की दरों में वृद्धि से लोक निर्माण विभाग के सड़क निर्माण कार्य पर असर पड़ा है। ठेकेदारों ने बढ़ी हुई तारकोल की कीमतों के कारण कार्य को छोड़ दिया। सरकार ने ठेकेदारों के लिए नए आदेश जारी किए हैं ताकि निर्माण कार्य को जल्द पूरा किया जा सके।
प्रयागराज। पश्चिमी एशिया में युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पेट्रोलियम पदार्थों की दरों में अत्यधिक वृद्धि से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सड़क निर्माण के कार्य पर व्यापक असर पड़ा है। 45 हजार टन प्रति तारकोल की कीमत उछल कर करीब 75 हजार रुपये तक पहुंच गई, जिसकी वजह से प्रयागराज में ठेकेदारों ने कार्य से मुंह मोड़ लिया था। निर्माण कार्य का प्रयागराज ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में असर होने के बाद बढ़े तारकोल का खर्चा खुद वहन करने का निर्णल लिया है। इस संबंध में सरकार ने ठेकेदारों से तारकोल के बढ़ी हुई कीमतों को लेकर नया आदेश जारी किया है।
ऐसे ठेकेदारों का अनुबंध जो शासनादेश के बदले हुए प्रावधान के अंतर्गत एक अप्रैल से 30 जून तक कराएं जाएंगे। उन कार्यों की रसीद ठेकेदारों को पीडब्ल्यूडी के संबंधित खंड में जमा करनी होगी।खंड के अधिशाषी अभियंता की ओर से रसीद का ऑनलाइन और भौतिक सत्यापन तारकोल देने वाली कंपनी इंडियन ऑयल कारपोरेशन से किया जाएगा। जिसके बाद बढ़े हुई कीमतों का भुगतान पीडब्ल्यूडी के मुख्यालय से किया जाएगा। समायोजन उन्हीं मामलों में लागू होगा, जिस सड़क निर्माण की निविदा एक अप्रैल से पहले आमंत्रित की गई होगी और अनुबंध की लागत पांच करोड़ रुपये से कम रहेगी। पीडब्ल्यूडी के प्रयागराज वृत्त के अधीक्षण अभियंता नरेश कुमार ने बताया कि नए अनुबंध के अंतर्गत तारकोल की बढ़ी हुई कीमतों का भुगतान मुख्यालय से किया जाएगा। ताकि जिन क्षेत्रों में निर्माण कार्य ठप पड़ा है। उसे जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।
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