शिक्षकों के लिए आत्ममंथन और प्रतिबद्धता का अवसर : निदेशक

शिक्षकों के लिए आत्ममंथन और प्रतिबद्धता का अवसर : निदेशक

संक्षेप:

Prayagraj News - भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद (ट्रिपलआईटी) का 27वां स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावने ने पौधरोपण किया और संस्थान के विकास की योजनाएं प्रस्तुत कीं। इस...

Aug 12, 2025 08:14 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, प्रयागराज
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प्रयागराज, कार्यालय संवाददाता। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद (ट्रिपलआईटी) का 27वां स्थापना दिवस मंगलवार को पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। खास दिन की शुरुआत निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावने ने पौधरोपण से की। उन्होंने संस्थान के आगामी दशकों के विकास का खाका प्रस्तुत किया। निदेशक ने महिला व पुरुष छात्रावास, स्मार्ट लेक्चर कक्षाएं, अंडरपास, ट्रांसलेशनल पार्क और पर्यावरण संरक्षण योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह दिन विशेषकर शिक्षकों के लिए आत्ममंथन और प्रतिबद्धता का अवसर है। प्रो. शेखर वर्मा ने 26 वर्षों की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। बीएचयू आईटी के प्रो. एके त्रिपाठी और इस्कॉन के स्वामी अच्युत मोहन दास ने प्रेरक भाषण देकर माहौल को ऊर्जा से भर दिया।

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प्रो. पवन चक्रवर्ती ने विद्यार्थियों की उपलब्धियां साझा कीं। इस अवसर पर प्रो. मंदार सुभाष आदि मौजूद रहे। कुछ लोग थे जो गंगा नहा के भी आ गए... अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश के नामचीन रचनाकारों ने काव्य की विभिन्न विधाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। इस अवसर पर कानपुर की शायरा शबीना अदीब ने देशभक्ति की पंक्तियों से जोश भर दिया,‘यह तिरंगा सबका दिल और सबकी जां बनकर रहे, जब तलक है दम में दम तुमको तिरंगे की कसम…..हाथरस के डॉ. विष्णु सक्सेना ने प्रेम और मानवीय रिश्तों पर भावपूर्ण गीत सुनाए। उज्जैन के हास्य-व्यंग्यकार दिनेश दिग्गज ने अपनी चुटीली रचनाओं से दर्शकों को खूब गुदगुदाया। ‘कुछ लोग थे जो गंगा नहा के भी आ गए, कुछ घाट पर भी रील बनाने में रह गए। शैलेंद्र मधुर ने चरित्र, मित्रता और नारी सम्मान पर आधारित प्रेरक रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर किया। दीपक दनादन ने अपनी फुर्ती और चुटीले अंदाज से ठहाके बटोरे। अभय निर्भीक ने भारत माता के सम्मान और तिरंगे की गरिमा पर जोशीली कविताएं प्रस्तुत कीं।