एसआरएन अस्पताल में तीन माह से तड़प रहा घायल सुरेश
प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में तीन महीने से एक लावारिस व्यक्ति, जिसका नाम सुरेश है, जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है। उसे कोई भोजन नहीं मिलता और इलाज नहीं हो पा रहा। घायल अवस्था में उसे अस्पताल परिसर में छोड़ दिया गया था, और उसके चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे उसे कोई सहायता नहीं मिल रही।
प्रयागराज। एसआरएन अस्पताल परिसर में तीन माह से एक लावारिस व्यक्ति जिंदगी और मौत से जू्झ रहा है। वह आजमगढ़ से माघ मेला के समय प्रयागराज आया था। उस समय किसी वाहन का टक्कर लगने के कारण उसका दाहिना पैर जख्मी हो गया था। घायल अवस्था में उसे कोई लाकर अस्पताल परिसर में छोड़ गया था। उसी समय से वह अस्पताल परिसर में पार्क के बगल में लेटा हुआ है। वह अपना नाम सुरेश बताता है और उसे कोई जानकारी नहीं है। चलने में असमर्थ होने के कारण उसका इलाज भी नहीं हुआ। जब भोजन वितरित करने के लिए अस्पताल में ओम नम: शिवाय की गाड़ी आती है तब उसे सेवादार खिचड़ी दे देते हैं।
जिस दिन कोई भोजन की गाड़ी नहीं आती सुरेश भूखे-प्यासे धूप में तड़पता रहता है। सुरेश अस्पताल में जिस स्थान पर लेटा हुआ उसके आसपास बैरीकेटिंग कर दी गयी है इसलिए लोगों की नजर भी नहीं पड़ती।
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