Prayagraj News: जलभराव से दूसरे दिन भी जूझता रहा शहर
Prayagraj News: प्रयागराज में बारिश से स्थिति बिगड़ गई है। करेली के कई इलाकों में पानी भर गया है और कई घरों में फिर से पानी घुस गया। लोग जलभराव से परेशान हैं और वह दो दिनों से जागकर रात गुजार रहे हैं। नाराजगी जल निकासी व्यवस्था को लेकर है जिससे स्थिति और बिगड़ गई है।

Prayagraj News: प्रयागराज, प्रमुख संवाददाता। बारिश से बेहाल शहर में दूसरे दिन हालात और दयनीय हो गई। कई इलाकों से पहले दिन का पानी निकल भी नहीं पाया था कि सोमवार रात हुई तेज बारिश ने मुसीबत को और विकराल कर दिया। देखते ही देखते सड़कें और गलियां फिर पानी में डूब गईं और कई घरों में दोबारा पानी घुस गया। लगातार दूसरे दिन जलभराव की परेशानी झेल रहे लोगों का गुस्सा अब चरम पर पहुंच गया।
जलभराव की स्थिति
शहर के तमाम इलाकों में जलभराव हुआ, लेकिन करेली के गौसनगर, जेके आशियाना, गड्ढा कॉलोनी, करेलाबाग, मुंडेरा, मीरापट्टी, हरवारा, जाफरी कॉलोनी, रामबाग, टैगोरटाउन, एलआईसी कॉलोनी, अल्लापुर के पूरा पड़ाइन, मटियारा रोड, बाघंबरी, जॉर्जटाउन, सीवाई चिंतामणि रोड, लिडिल, बहादुरगंज, रामबाग, बाई का बाग, मुट्ठीगंज, लूकरगंज, काटजू रोड, राजरूपपुर, झलवा, साकेतनगर, झलवा समेत शहर के कई इलाकों में रातभर अफरातफरी का माहौल रहा। इन मोहल्लों के हजारों घरों में रविवार की रात पानी घुसा और मंगलवार रात तक नहीं निकल पाया। घरों में लगातार दो दिन पानी भरा होने से सैकड़ों परिवारों ने दूसरे दिन रात जागकर गुजारी। सैकड़ों घरों में फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य घरेलू वस्तुएं पानी में डूबने से खराब हो गए। करेली के मोहल्लों में छह फीट तक पानी भरा था। सड़कों और घरों के गैराजों में खड़े वाहन पानी में डूबे रहे।
सड़कें और जल निकासी व्यवस्था
सड़कें लगातार दूसरे दिन तालाब बनी रहीं और लोगों के लिए घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया। सीएमपी चौराहा, संगम पेट्रोल टंकी मार्ग, लिडिल रोड सीवाई चिंतामणि रोड, भारती भवन पुस्तकालय के अलावा बाई का बाग के बंगाली टोला में दूसरे दिन भी लोग घरों में कैद रहे। सड़कों और गलियों में आवागमन बंद था। सबसे ज्यादा नाराजगी जल निकासी व्यवस्था को लेकर है। लोगों का कहना था कि पहले दिन का पानी ही नहीं निकल पाने और फिर रात में हुई बारिश से हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए। नालियों और सीवर के ओवरफ्लो होने से बारिश का पानी सड़कों से होते हुए घरों में घुसता रहा। दो दिन से जलभराव की मार झेल रहे लोगों ने कहा कि जलभराव पहले भी होता था, लेकिन इस बार जैसी स्थिति कभी नहीं हुई, जबकि बारिश पहले जैसी नहीं हुई।


