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प्रयागराज

ऑनलाइन मंच से हिन्दी की सेवा कर रही आधी आबादी

हिन्दुस्तान टीम,प्रयागराजPublished By: Newswrap
Mon, 07 Sep 2020 01:33 PM
आपदा को अवसर में बदलने का कार्य हर क्षेत्र की तरह साहित्य सृजन में भी हो रहा है। इसकी सार्थक शुरुआत शहर की महिला रचनाकारों ने ऑनलाइन मंच के जरिये किया है। वैश्विक स्तर पर हिन्दी की अलख जगाने के लिये...
1 / 2आपदा को अवसर में बदलने का कार्य हर क्षेत्र की तरह साहित्य सृजन में भी हो रहा है। इसकी सार्थक शुरुआत शहर की महिला रचनाकारों ने ऑनलाइन मंच के जरिये किया है। वैश्विक स्तर पर हिन्दी की अलख जगाने के लिये...
आपदा को अवसर में बदलने का कार्य हर क्षेत्र की तरह साहित्य सृजन में भी हो रहा है। इसकी सार्थक शुरुआत शहर की महिला रचनाकारों ने ऑनलाइन मंच के जरिये किया है। वैश्विक स्तर पर हिन्दी की अलख जगाने के लिये...
2 / 2आपदा को अवसर में बदलने का कार्य हर क्षेत्र की तरह साहित्य सृजन में भी हो रहा है। इसकी सार्थक शुरुआत शहर की महिला रचनाकारों ने ऑनलाइन मंच के जरिये किया है। वैश्विक स्तर पर हिन्दी की अलख जगाने के लिये...

आपदा को अवसर में बदलने का कार्य हर क्षेत्र की तरह साहित्य सृजन में भी हो रहा है। इसकी सार्थक शुरुआत शहर की महिला रचनाकारों ने ऑनलाइन मंच के जरिये किया है। वैश्विक स्तर पर हिन्दी की अलख जगाने के लिये शुरू किये गए अभियान से देश-विदेश की सैकड़ों महिला रचनाकार जुड़ी हैं। इसमें देश की प्रतिष्ठित लेखिकाओं के साथ सृजनशील कामकाजी, घरेलू व नवोदित लेखिकाएं भी रचनात्मकता को नया आयाम दे रही हैं। मंच से जुड़ी महिला लेखिकाएं एक नई जमीन के साथ इसमें उपस्थित हैं।

अपनी हिन्दी, प्यारी हिन्दी को कर रहीं समृद्ध

राष्ट्रीय महिला रचनाकार मंच की ओर से हिन्दी पखवाड़ा के तहत ऑनलाइन मंच तैयार किया गया है। मंच का संचालन कवयित्री ऋतंधरा मिश्रा और कवयित्री रचना सक्सेना की देखरेख में होता है।

ऋतंधरा ने बताया कि अभियान के तहत देश के नामचीन साहित्यकारों के बारे में देश-विदेश की महिला रचनाकार अपनी कविता व विचार शेयर करती हैं। सुबह 10 बजे से मंच ऑनलाइन शुरू होता है, जो शाम को चार बजे तक चलता है। समूह से जुड़ी रचनाकारों को संबंधित साहित्यकार के बारे में लिखना होता है। रचना सक्सेना ने कहा कि महिलाओं को खुला मंच मिलने से उनकी प्रतिभा भी निखर रही है। साथ ही हिन्दी भाषा भी समृद्ध होती है।

ऑस्ट्रेलिया और ओमान से जुड़ी हैं रचनाकार

हिन्दी को समर्पित ऑनलाइन मंच से पंजाब, एमपी, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, उप्र, उत्तराखंड, दिल्ली के अलावा ओमान की राशि शर्मा और ऑस्ट्रेलिया की नेहा शर्मा जुड़ी हैं।

इन साहित्यकारों के अवदान को करेंगी याद

अभियान के तहत डॉ. हरिवंशराय बच्चन, सुभद्रा कुमारी चौहान, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, मैथिली शरण गुप्त, डॉ.धर्मवीर भारती, जयशंकर प्रसाद, रामधारी सिंह दिनकर, पं. सुमित्रानंदन पंत, महादेवी वर्मा, केदार नाथ अग्रवाल और गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर के बारे में अभिव्यक्ति साझा की जाएगी।

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