DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › प्रयागराज › गुरजीत की फ्लिक ने फिर दिया जश्न का मौका
प्रयागराज

गुरजीत की फ्लिक ने फिर दिया जश्न का मौका

हिन्दुस्तान टीम,प्रयागराजPublished By: Newswrap
Tue, 03 Aug 2021 05:10 AM
गुरजीत की फ्लिक ने फिर दिया जश्न का मौका

खेल जगत में यह जुमला आम है कि बड़ा खिलाड़ी वही जो बड़े मौके पर अपना कौशल दिखाए। गुरजीत कौर ऐसी ही एक खिलाड़ी हैं। सोमवार को सुबह से पूरा देश खुशी से झूमने लगा तो उसकी वजह गुरजीत ही हैं। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में कार्यरत इस चतुर ड्रैग फ्लिकर के इकलौते गोल की बदौलत भारतीय महिला हॉकी टीम ने न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को शिकस्त दी बल्कि टोक्यो ओलंपिक में खुद को पदक की होड़ में बनाए भी रखा है।

गुरजीत को शुरुआती मैचों में गोल करने में सफलता नहीं मिल पाई थी। ऐसे में तीन बार की ओलंपिक चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल जैसे अहम मुकाबले में भारतीय टीम को उनसे बड़ी उम्मीद थी। गुरजीत इससे अच्छी तरह वाकिफ भी थीं। इसीलिए उन्होंने 22वें मिनट में हाथ आए मौके को जाया नहीं होने दिया। दरअसल ड्रैग फ्लिकर की सार्थकता पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील करने में ही है और गुरजीत ने यही किया। उनकी विद्युतीय फ्लिक पर विपक्षी गोलकीपर रशेल लिंच बेबस नजर आईं और गेंद ने गोलपट्टी गुंजाकर भारतीयों को जश्न मनाने का अवसर दे दिया।

यह पहली बार नहीं है जब गुरजीत ने देश का गौरव बढ़ाया है। नवंबर 2017 में जापान में हुए एशिया कप में भारत को 13 साल बाद चैंपियन बनाने में पंजाब के अमृतसर जिले के अजनाल गांव निवासी गुरजीत की अहम भूमिका थी। सेमीफाइनल में उन्होंने पूर्व विजेता जापान के विरुद्ध शुरुआती नौ मिनट में ही दो गोल मारकर जीत तय कर दी थी। प्रतियोगिता में गुरजीत ने कुल आठ गोल किए थे। इससे पहले अप्रैल में कनाडा में हुई हॉकी वर्ल्ड लीग-राउंड 2 में भी उन्होंने बेलारूस के खिलाफ दो गोल मारकर भारत को फाइनल में पहुंचाया था।

गुरजीत ने वर्ष 2018 में हुए एशियाड में भी 10 गोल मारे थे। उन्हीं के एकमात्र गोल की मदद से भारतीय टीम चीन की सशक्त चुनौती खत्म कर 20 साल बाद खिताबी दौर में पहुंची थी। वर्ष 2019 में जापान में हुई एफआईएच सीरीज फाइनल्स में गुरजीत ने पांच मैचों में सर्वाधिक 11 गोल किए और भारत ने चैंपियन बनकर ओलंपिक क्वालिफायर की अर्हता हासिल की।

संबंधित खबरें