
प्रयागराज में नहीं बनेगा एम्स, मेडिकल कॉलेज में बढ़ेंगी सुविधाएं
Prayagraj News - प्रयागराज में एम्स की स्थापना की संभावना पर केंद्र सरकार ने विराम लगा दिया है। सांसद उज्ज्वल रमण सिंह के सवाल पर सरकार ने बताया कि पीएमएसएसवाई के तहत एम्स का कोई प्रस्ताव नहीं है। हालांकि, मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के अपग्रेडेशन के लिए 150 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। प्रयागराज में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना की संभावना पर केंद्र सरकार ने विराम लगा दिया है। लोकसभा में इलाहाबाद सांसद उज्ज्वल रमण सिंह के पूछे गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत प्रयागराज में एम्स का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। हालांकि, शहर के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (एमएलएनएमसी) के अपग्रेडेशन के लिए 150 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने बताया कि केंद्र सरकार ने जानकारी दी है कि देशभर में अब तक 22 एम्स की स्थापना को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें उत्तर प्रदेश के रायबरेली और गोरखपुर में एम्स पहले से कार्यरत हैं।
इसी आधार पर प्रयागराज में नए एम्स के प्रस्ताव को खारिज किया गया है। हालांकि एम्स न मिलने से शहरवासियों में निराशा है, लेकिन सरकार ने पीएमएसएसवाई के एक अन्य घटक के तहत मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज को बड़ी सौगात दी है। इस योजना के अंतर्गत 150 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज का महत्वपूर्ण अपग्रेडेशन किया जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार का अंश 120 करोड़ और राज्य सरकार का 30 करोड़ होगा। अपग्रेडेशन के तहत 233 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक बनाया जाएगा। इसमें सात ऑपरेशन थिएटर होंगे और आठ प्रमुख सुपर स्पेशियलिटी विभागों में उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, एंडोक्रिनोलॉजी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी शामिल हैं। सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने कहा कि सांसद उज्जवल रमण सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा एम्स प्रस्ताव खारिज किए जाने को प्रयागराज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांसद इस मुद्दे पर हार मानने वाले नहीं हैं और जब तक प्रयागराज में एम्स या उसके समकक्ष कोई बड़ा, उच्चस्तरीय अस्पताल स्थापित नहीं हो जाता, तब तक उनका प्रयास जारी रहेगा।

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