सराफा मंडी में बेचने वालों की बढ़ी संख्या, कैश की किल्लत

Piyush Kumar Srivastava हिन्दुस्तान, प्रयागराज
share

Prayagraj News - प्रयागराज में प्रधानमंत्री की सोना न खरीदने की अपील और आयात शुल्क में वृद्धि के बाद सराफा बाजार का माहौल बदल गया है। लोग पुराने गहने बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। इस कारण सराफा कारोबारियों को कैश की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। खरीदारी की जगह लोग नकदी जुटाने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं।

सराफा मंडी में बेचने वालों की बढ़ी संख्या, कैश की किल्लत

प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। प्रधानमंत्री की सोना न खरीदने की अपील और आयात शुल्क में वृद्धि के बाद सराफा बाजार का माहौल पूरी तरह बदल गया है। जिस सराफा बाजार में पहले लोग गहनों की खरीदारी के लिए आते थे, वहीं अब अधिकतर लोग अपने घरों के पुराने सोने-चांदी के गहने बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। बाजार में खरीदारों से ज्यादा बेचने वालों की संख्या बढ़ गई है।

बिक्री का बढ़ता दबाव

सोना बेचकर रुपये लेने वालों की संख्या अचानक बढ़ने से सराफा कारोबारियों के सामने कैश की समस्या खड़ी हो गई है। व्यापारी ग्राहकों को ऑनलाइन भुगतान या चेक देने की बात कह रहे हैं, लेकिन अधिकांश लोग नकद भुगतान पर अड़े हैं। ऐसे में कई दुकानों पर ग्राहकों और कारोबारियों के बीच बहस की स्थिति भी बन रही है।

Voice of UP

सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव

सराफा कारोबारियों का कहना है कि आयात शुल्क बढ़ने के बाद सोने के दाम में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इससे निवेश के तौर पर सोना रखने वाले लोग अब मुनाफा देखकर अपने पुराने गहने बेच रहे हैं। दूसरी ओर महंगे दाम के कारण नए गहनों की खरीदारी कमजोर पड़ गई है। राणा ज्वेलर्स के संचालक पंकज सिंह ने बताया कि इन दिनों ज्यादातर ग्राहक सोना बेचने आ रहे हैं और भुगतान नकद में मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत 10 हजार रुपये से ज्यादा कैश भुगतान संभव नहीं है। ऐसे में ग्राहक निराश होकर दूसरी दुकानों का चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आखिर लाखों रुपये कैश में देना कहां तक संभव है।

सरकार की गाइडलाइन का प्रभाव

वहीं, सुनहरी गोल्ड एंड ज्वेलरी के संचालक हर्षवर्धन गुप्ता ने बताया कि बाजार में मंदी के बीच खरीद-फरोख्त का काम चल रहा है। सोना बेचने वालों की संख्या पहले की तुलना में थोड़ी बढ़ गई है, लेकिन सरकार की गाइडलाइन के कारण कैश भुगतान नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कारोबारी भी नियमों का पालन करने को मजबूर हैं।

आगामी चुनौतियाँ

व्यापारियों के अनुसार यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में सराफा बाजार में कारोबार और प्रभावित हो सकता है। फिलहाल बाजार में ग्राहकों की भीड़ तो दिखाई दे रही है, लेकिन खरीदारी की जगह लोग पुराने गहने बेचकर नकदी जुटाने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं।

FAQs

सराफा बाजार में अब लोग क्या कर रहे हैं?
अब लोग अपने घरों के पुराने सोने-चांदी के गहने बेचने के लिए पहुंच रहे हैं।
Piyush Kumar Srivastava

लेखक के बारे में

Piyush Kumar Srivastava

शॉर्ट बायो: पीयूष श्रीवास्तव पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ प्रयागराज में रेलवे, रोडवेज, एयरवेज, बिजली और बिजनेस की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।


परिचय एवं अनुभव
पीयूष श्रीवास्तव भारतीय प्रिंट व डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में पीयूष ‘हिन्दुस्तान’ अखबार व ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बिजनेस, बिजली व परिवहन की खबरों को देख रहे हैं। 2015 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।


करियर का सफर
पीयूष श्रीवास्तव ने अपने करियर की शुरुआत दिसंबर 2007 में ‘आई नेक्स्ट, दैनिक जागरण’ अखबार से की थी। इस दौरान क्राइम की खबरों पर महारत हासिल की। जून 2015 में ‘हिन्दुस्तान’ अखबार प्रयागराज में सेवाएं देना शुरू किया। 2015 से 2024 तक क्राइम की रिपोर्टिंग की। वर्तमान में रेलवे, रोडवेज और एयरवेज के साथ ही बिजली और अर्थ-व्यापार से जुड़ी खबरें लिख रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। स्टेट यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली। उसी वक्त से लगातार प्रिंट मीडिया में सक्रिय रहे हैं। शुरूआती दौर में क्राइम रिपोर्टिंग और अब रेलवे, रोडवेज, एयरवेज के साथ ही बिजली, बिजनेस और परिवहन की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।


रिपोर्टिंग और विजन
बिजली, परिवहन, बिजनेस, क्राइम की गतिविधियों की खबरों के साथ ही माघ मेला व कुम्भ मेला में रिपोर्टिंग का पीयूष श्रीवास्तव का लंबा अनुभव है। वर्ष 2025 में प्रयागराज में आयोजित सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुम्भ के दौरान रिपोर्टिंग टीम का नेतृत्व कर महाकुम्भ की कई स्पेशल स्टोरी की। 2013 के महाकुम्भ और 2019 के कुम्भ की रिपोर्टिंग का भी अनुभव है। पीयूष का मानना है कि सत्य, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए जनता की आवाज़ को सशक्त मंच देना ही पत्रकार का मुख्य दायित्व है।


विशेषज्ञता
प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड की रिपोर्टिंग का अनुभव।
प्रयागराज के चर्चित अतीक-अशरफ हत्याकांड की खास रिपोर्टिंग।
रेलवे, रोडवेज और एयरवेज की खबरों पर पैनी नजर।
जीएसटी के जानकार, व्यापारियों की समस्याओं की गहरी समझ।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।