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29 नवंबर, 2020|1:25|IST

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हिरासत में ली गईं हॉस्टल के इंतजार में बैठीं छात्राएं

हिरासत में ली गईं हॉस्टल के इंतजार में बैठीं छात्राएं

इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (इविवि) में महिला छात्रावास में अपने-अपने घर से वापस रहने आईं छात्राओं को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रावास में जाने की अनुमति नहीं दी गई तो आठ से दस छात्राएं कुलपति कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गईं। कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी समेत रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ल, वित्त अधिकारी डॉ. सुनील कांत मिश्र, चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय, डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह और सुरक्षा अधिकारी अजय प्रताप सिंह कुलपति कार्यालय में फंसे रहे।

सुबह नौ बजे से धरने भर बैठी छात्राएं जब देर रात तक नहीं हटी तो विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पुलिस को बुलाया गया। पुलिस फोर्स ने एसपी सिटी की मौजूदगी में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह समेत धरने पर बैठीं पांच छात्राओं एवं तीन छात्रों शरद शंकर, सत्यम कुशवाहा और अनीश यादव को हिरासत में ले लिया गया। इससे पूर्व पूरे दिन विश्वविद्यालय प्रांगण में उठापठक मची रहीं। धरने पर बैठीं छात्राओं का आरोप है कि हम सभी दूसरे जिलों में रहते हैं। 15 अक्तूबर से हॉस्टल खुल रहे हैं, ये सुनकर विश्वविद्यालय आ गए। यहां जब आए तो हमें छात्रावास में जाने ही नहीं दिया जा रहा है। इस बारे में कुलपति, रजिस्ट्रार से बात की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। हम लोग सुबह नौ बजे से बिना कुछ खाए पीए कुलपति कार्यालय के बाहर ही बैठे रहे। धरने पर बैठी छात्राएं आजमगढ़, बलिया, वाराणसी और मीरजापुर से आई थीं।

छात्रों को हास्टल तो छात्राओं को क्यों नहीं

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह धरने पर बैठी छात्राओं के सपोर्ट में शाम को विश्वविद्यालय पहुंची। ऋचा ने कहा कि इस सम्बंध में कुलपति से बात की और उनसे कहा कि छात्राओं को महिला छात्रावास में क्यों नहीं जाने दिया जा रहा है। जबकि ब्वॉयज छात्रावास में लड़के रह रहे हैं। ऋचा ने कुलपति पर आरोप लगाया कि इस सम्बंध में कुलपति ने बेतुका जवाब देते हुये कहा कि हम लड़कों को नहीं रोक सके, लेकिन लड़कियों को रोक सकते हैं। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन के छात्र-छात्राओं के लिए दोहरे रवैये पर आक्रोश व्यक्त करते हुये कहा कि शुक्रवार को एमएचआरडी का पत्र लिखकर कर कुलपति के दोहरे रवैये के खिलाफ लिखित शिकायत करेंगे।

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  • Web Title:Girls sitting in wait for hostels taken into custody