
यमुना बैंक रोड समेत 59 फीडर बाढ़ में डूबे, बिजली प्रभावित
Prayagraj News - प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों के उफान से बाढ़ ने बिजली व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। रविवार को कई उपकेंद्र जलमग्न हो गए, जिसके कारण 59 फीडर बंद कर दिए गए और 180 से अधिक मोहल्लों में...
प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। गंगा और यमुना नदियों के उफान के साथ ही बाढ़ का पानी अब शहर और गांवों की बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। रविवार सुबह यमुना बैंक रोड, गंगापार का थरवई और यमुनापार का लेड़ियारी उपकेंद्र बाढ़ के पानी में डूब गए। इससे जिले में 59 फीडर बंद कर दिए गए और 180 से अधिक मोहल्ले व गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। सुबह करीब आठ बजे यमुना बैंक रोड उपकेंद्र में पानी घुसते ही आपूर्ति बंद कर दी गई। इस उपकेंद्र से जुड़े दस से अधिक मोहल्लों में अचानक बिजली गुल हो गई।

करीब तीन घंटे बाद विभाग ने कीडगंज और गऊघाट उपकेंद्र से वैकल्पिक व्यवस्था कर बिजली आपूर्ति बहाल की। इसी तरह राजापुर, नेवादा, गंगानगर, पत्रकार कॉलोनी कछार, हड्डी गोदाम, सर्कुलर रोड, ओम गायत्री नगर, म्योराबाद कछार, हनुमान मंदिर दारागंज, मोरी, भारद्वाज कछार, छोटा बघाड़ा, मक्का मस्जिद, आजाद नगर करेली, शम्सनगर, जेके नगर, सलोरी और करैलाबाग कछार समेत तमाम मोहल्लों की आपूर्ति बंद कर दी गई। इनमें से कई इलाकों की गलियां और घर पूरी तरह जलमग्न हैं। विभाग ने वहां की आपूर्ति बंद कर दी है। गंगापार स्थित थरवई उपकेंद्र में पानी भरने से इससे जुड़े 40 से अधिक गांवों की आपूर्ति बंद हो गई है। बदरा, सुनौटी, लीलापुर कला, कतवारूपुर, मुरल्लेपुर, कैथवल और मलखानपुर सहित कई गांव अंधेरे में हैं। वहीं, यमुनापार के लेड़ियारी उपकेंद्र के जलमग्न होने से लगभग 60 गांवों की बिजली आपूर्ति रोक दी गई है। बलुहा में 11 केवी की लाइन पानी में डूब गई है, जबकि बरसैता में डबल पोल बाढ़ में समा गया है। बाढ़ का असर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच गया है। वहां भी ट्रांसफार्मर चपेट में आ गया है, जिससे प्लांट की आपूर्ति भी बाधित हो गई है। --- बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग पर अड़े प्रयागराज। तेज बारिश के बीच रविवार को कई इलाकों के लोग बिजली न आने से परेशान होकर उपकेंद्रों पर पहुंच गए। छोटा बघाड़ा, अशोक नगर, तेलियरगंज, बक्शी बांध और करेली द्वितीय उपकेंद्र पर लोगों ने बिजली चालू करने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने साफ इनकार कर दिया। अधिकारियों का कहना था कि बाढ़ में डूबे इलाकों में बिजली चालू करना खतरे से खाली नहीं है। करंट लगने का खतरा बना हुआ है। इसको लेकर कुछ स्थानों पर नोकझोंक भी हुई। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया, लेकिन आपूर्ति बहाल नहीं की गई।

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