Prayagraj News: टोंस की बाढ़ प्रयागराज पहुंची, बदरा-सनौटी बना टापू
Prayagraj News: गंगा-यमुना के जलस्तर में वृद्धि के कारण टोंस की बाढ़ कछारी इलाकों में खतरा पैदा कर रही है। कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं। गंगा ने संगम क्षेत्र में जलप्रवेश कर दिया है, जिससे कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं। स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

Prayagraj News: गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर के बीच अब टोंस का उफान कछारी इलाकों के लिए नई मुसीबत लेकर आया है। गंगा-यमुना की धार भले ही कुछ धीमी पड़ने के आसार हों, लेकिन टोंस की बाढ़ से छतनाग के आगे गंगा का प्रवाह बाधित हो रहा है। इसकी वजह से कछारी आबादी की ओर गंगा तेजी से बढ़ रही हैं। टोंस का जलस्तर 24 घंटे में डेढ़ मीटर से अधिक बढ़ा। गंगा-यमुना का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो देर रात तक कछारी इलाकों तक बाढ़ पहुंच जाएगी। खतरे की आहट मिलते ही गंगा किनारे कछारी क्षेत्र में रहने वाले परिवार जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित ठिकानों की ओर जाने लगे हैं। गंगा जी रविवार को भोर में 3:45 बजे संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर में प्रवेश कर गईं। कुछ ही देर बाद गंगा ने बदरा-सनौटी को घेर लिया। संगम क्षेत्र में त्रिवेणी बांध के नीचे सभी सड़कें डूब गई हैं। गंगा पथ किनारे बना नया पार्क जलमग्न हो गया। पार्क के बीच संकटमोचन मंदिर में भी गंगा जल प्रवेश कर गया。
जलस्तर में वृद्धि
छोटा बघाड़ा और सलोरी के लॉजों में रहने वाले छात्र भी सामान समेटने लगे हैं। शाम चार बजे तक गंगा और यमुना का जलस्तर पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। ऐसे में गंगा-यमुना दोनों का जलस्तर 83 मीटर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। पानी ठहरने की स्थिति बनी तो कछारी बस्तियों में मुश्किल और बढ़ सकती है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दिग्विजय नारायण शुक्ला ने बताया कि सोमवार को भी गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
जलस्तर की रिपोर्ट
गंगा-यमुना का जलस्तर (शाम चार बजे)
गंगा फाफामऊ 81.96
गंगा छतनाग 81.45
यमुना नैनी 81.84


