तीन तहसीलों में तेल के स्रोत, शुरू हो गई खोज

Apr 06, 2026 11:06 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, प्रयागराज
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Prayagraj News - प्रयागराज में प्राकृतिक तेल और गैस की खोज के लिए बारा, करछना और हंडिया तहसीलों में सर्वे चल रहा है। भारत सरकार के मिशन अन्वेषण के तहत अल्फा जियो इंडिया लिमिटेड द्वारा खोदाई की जा रही है। ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया है कि इस परियोजना से क्षेत्र का विकास होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

तीन तहसीलों में तेल के स्रोत, शुरू हो गई खोज

प्रयागराज। जिले में प्राकृतिक तेल व गैस की खोज के लिए तीन तहसीलों में खोज चल रही है। यहां की गई जियो मैपिंग में इसके संकेत मिलने के बाद काम तेज कर दिया गया है। इसके लिए प्रशासन की अनुमति से गांवों में खोदाई हो रही है। यह काम भारत सरकार के मिशन अन्वेषण के तहत किया जा रहा है। जिले की बारा, करछना और हंडिया तहसीलों में इस वक्त सर्वे किया जा रहा है। यह सर्वे अल्फा जियो इंडिया लिमिटेड की ओर से किया जा रहा है। कंपनी के लोगों ने फरवरी में ही भारत सरकार से आए निर्देश के क्रम में जिला प्रशासन से बात की थी।

डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर एडीएम प्रशासन पूजा मिश्रा ने 11 फरवरी को सभी एसडीएम को एक पत्र जारी किया था। जिसके तहत भारत सरकार के पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के मिशन अन्वेषण के तहत गंगा-पंजाब बेसिन क्षेत्र में 2-डी भूकंपीय अधिग्रहण करने के लिए कंपनी को अनुमति देने का निर्देश दिया था। जिसके बाद कंपनी ने सम्बन्धित एसडीएम से मिलकर अनुमति ली और ग्राम प्रधानों के जरिए कई गांवों में यह सर्वे शुरू कर दिया। सर्वे करने के लिए कंपनी की ओर से ग्राम प्रधानों को लिखे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ऊर्जा के क्षेत्र में यह परियोजना नई पहल होगी। दल पांच से आठ किलोमीटर की दूरी में सर्वे करके अपना डाटा संग्रहित करेगा। जिससे ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊंचाई मिलेगी। एडीएम प्रशासन पूजा मिश्रा का कहना है कि अनुमति जिलाधिकारी के निर्देश पर दी गई है।27 मार्च की शाम को ओएनजीसी की टीम दर्जनभर मजदूरों के साथ खेत में आई थी। सुबह ग्रामीणों ने बताया कि आपके खेत में कुछ लोग गेहूं को काटकर बोरिंग कर रहे हैं। खेत में पहुंचने पता लगा कि ओएनजीसी तेल व गैस की संभावना के मद्देनजर बोरिंग कर रही है।-अनिल पांडेय, आसेपुर सैदाबादहमारे खेत में खोदाई की गई। मजदूरों ने बताया कि एडीएम प्रशासन से अनुमति लेकर खोदाई की जा रही है। आदेश पत्र भी मजदूरों द्वारा साझा किया गया। तीन से चार घंटे खोदाई के बाद टीम सैंपल लेकर चली गई। एक गड्ढे के लिए 800 रुपये मिले हैं।-सुनील पांडेय, आसेपुर सैदाबादअगर यहां तेल या गैस मिलती है तो क्षेत्र का विकास होगा और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। हालांकि किसानों की जमीन को नुकसान न पहुंचे, इस पर भी ध्यान देना जरूरी है।- रामसुंदर कुशवाहा, सेहरा, कौंधियारालगातार हो रही बोरिंग से खेतों पर असर पड़ने की चिंता है। फसल और जमीन की सुरक्षा के लिए प्रशासन को स्पष्ट जानकारी देकर किसानों को भरोसा दिलाना चाहिए।- जुग्गी लाल गुप्ता, सेहरा, कौंधियारा

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