ईपीएफओ में 21 हजार से अधिक पेंशनरों ने नहीं बनवाया जीवन प्रमाणपत्र
Prayagraj News - कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 21 हजार से अधिक पेंशनरों ने अभी तक डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) नहीं बनवाया है, जिससे पेंशन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक अब पेंशनरों के लिए नि:शुल्क डीएलसी बनाने की सुविधा प्रदान करेगा। यह सुविधा 1617 डाक घरों में उपलब्ध होगी।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से पेंशन पाने वाले 21 हजार से अधिक पेंशनरों ने अभी तक डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) नहीं बनवाया है। डीएलसी न बनने के कारण पेंशन से संबंधित प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। पेंशनरों की सुविधा के लिए अब इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) की ओर से नि:शुल्क डीएलसी बनाया जाएगा। जबकि डाक विभाग निजी तौर पर पहले 70 रुपये लेता था। डीएलसी न बनवाने वाले पेंशनरों में सबसे अधिक संख्या एक वर्ष से कम अवधि वालों की है, जिनकी संख्या नौ हजार से अधिक है। तीन से पांच वर्ष की अवधि वाले पेंशनरों की संख्या सबसे कम लगभग 2565 है।
वहीं एक से तीन वर्ष की अवधि वाले 3090 पेंशनरों ने जीनव प्रमाणपत्र नहीं बनवाया है। इनमें सबसे अधिक संख्या मध्यम वर्ग के पेंशनरों की है। आईपीपीबी के सीनियर प्रबंधक अमित कुमार सिंह ने बताया की डीएलसी न बन पाने के पीछे मुख्य कारण पेंशनरों का केंद्र तक न पहुंच पाना, अस्वस्थता, वृद्धावस्था अथवा निर्धारित समय पर उपस्थित न हो पाना रहा। इन व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए ईपीएफओ ने आईपीपीबी से एमओयू किया। एमओयू के तहत अब डाक विभाग ने पेंशनरों को उनके नजदीकी पोस्ट ऑफिस में ही डीएलसी बनवाने की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। परिक्षेत्र के अंतर्गत संचालित 1617 डाक घरों में पेंशनरों का डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाया जाएगा। इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


