Prayagraj News: महिला स्वतंत्रता सेनानियों को इतिहास में उचित स्थान देने पर जोर
Prayagraj News: इलाहाबाद विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में सोमवार को ‘भारत की महिला स्वतंत्रता सेनानी : कुछ विचार’ पुस्तक पर चर्चा आयोजित की गई।

Prayagraj News: इलाहाबाद विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में सोमवार को ‘भारत की महिला स्वतंत्रता सेनानी : कुछ विचार’ पुस्तक पर चर्चा आयोजित की गई। पुस्तक की संपादक डॉ. निहारिका तिवारी और सामंता साहू हैं। डॉ. अपर्णा चौधरी ने संयोजन किया। डॉ. निहारिका तिवारी ने बताया कि पुस्तक स्वतंत्रता आंदोलन में दलित, आदिवासी, मुस्लिम और पूर्वोत्तर की महिलाओं की भूमिका पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास में अनेक महिलाओं के योगदान को अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया है। पुस्तक ऐसे ही योगदानों को सामने लाने का प्रयास करती है। प्रो. हेरम्ब चतुर्वेदी ने पुस्तक के विभिन्न अध्यायों का विश्लेषण करते हुए रमा देवी, पार्वती गिरि और रुकैया बेगम जैसी महिला राष्ट्रवादियों के योगदान पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक एकीकरण के लिए सामाजिक पुनर्निर्माण भी आवश्यक है।प्रो. अनुराधा अग्रवाल ने कहा कि पुस्तक बड़े राष्ट्रीय नेताओं के बजाय उन गुमनाम महिला स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को केंद्र में लाती है, जिनकी भूमिका इतिहास में अक्सर उपेक्षित रही। प्रो. पंकज कुमार ने महिलाओं के सामाजिक और राजनीतिक योगदान को रेखांकित करते हुए इतिहास को अधिक समावेशी दृष्टि से देखने की आवश्यकता बताई।


