गीत-संगीत से गुलजार रही बुजुर्गों की एक शाम
Prayagraj News - प्रयागराज में बुढ़ापे की लकड़ी सेवा समिति ने सोमवार को बुजुर्गों के लिए एक संगीत संध्या का आयोजन किया। कार्यक्रम में कई गायकों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध किया। समापन पर समिति की बैठक हुई, जिसमें एक भव्य समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
बुढ़ापे की लकड़ी सेवा समिति प्रयागराज की ओर से सोमवार की शाम बुजुर्गों के नाम रही। समिति ने संगीत संध्या का आयोजन किया। एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में हरीश श्रीवास्तव ने ‘ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना’ से अपनी गायकी की छाप छोड़ी तो अनिल टंडन ने ‘मैंने तेरे लिए ही सात रंग के सपने चुने’ की प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। योगेंद्र पांडेय ने ‘यारी है इमान मेरा’, सर्वेश मिश्र ने ‘है अपना दिल तो आवारा ना जाने किस पे आएगा’, शंभू श्रीवास्तव ने ‘अपने लिए जिये तो क्या जिये’, मीना मेहरोत्रा ने ‘एक प्यार का नगमा है मौजो की रवानी है’ की प्रस्तुति से समां बांधा।
संचालन समिति के संस्थापक डॉ. पीके सिन्हा ने किया। समापन पर समिति की बैठक हुई, जिसमें समिति के एक वर्ष पूर्ण होने पर अप्रैल में भव्य समारोह कराने का निर्णय लिया गया। आयोजन में विनीत राय, महेंद्र कुमार, अर्चना सिंह, वंदिता मिश्रा का सहयोग रहा।
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