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प्रयागराजगंगा में जल कम होने से प्रवाह दिख रहा हरा!

हिन्दुस्तान टीम,प्रयागराजPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 04:31 AM
गंगा का जलस्तर कम होने से इसका प्रवाह हरा दिख रहा है। गंगाजल को साफ रखने के लिए विशेषज्ञ अतिरिक्त पानी छोड़ने की मांग कर रहे...
1 / 2गंगा का जलस्तर कम होने से इसका प्रवाह हरा दिख रहा है। गंगाजल को साफ रखने के लिए विशेषज्ञ अतिरिक्त पानी छोड़ने की मांग कर रहे...
गंगा का जलस्तर कम होने से इसका प्रवाह हरा दिख रहा है। गंगाजल को साफ रखने के लिए विशेषज्ञ अतिरिक्त पानी छोड़ने की मांग कर रहे...
2 / 2गंगा का जलस्तर कम होने से इसका प्रवाह हरा दिख रहा है। गंगाजल को साफ रखने के लिए विशेषज्ञ अतिरिक्त पानी छोड़ने की मांग कर रहे...

प्रयागराज। वरिष्ठ संवाददाता

गंगा का जलस्तर कम होने से इसका प्रवाह हरा दिख रहा है। गंगाजल को साफ रखने के लिए विशेषज्ञ अतिरिक्त पानी छोड़ने की मांग कर रहे हैं।

आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान में सोमवार को गंगाजल हरा होने का समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने फाफामऊ घाट पर पांटून पुल के पास गंगाजल का नमूना लिया। नमूने के जांच कर शाम तक बोर्ड ने रिपोर्ट जारी कर दी। रिपोर्ट में गंगा का बॉयोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड तीन मिलीग्राम प्रति लीटर दर्शाया गया है। डिजॉल्व्ड ऑक्सीजन आठ मिलीग्राम प्रतिलीटर होने का दावा किया गया है।

गंगा के जानकार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट को संतोषजनक बताने के साथ इसकी और गंभीरता से जांच करने की वकालत भी कर रहे हैं। बोर्ड के पूर्व क्षेत्रीय अधिकारी डॉ मोहम्मद सिकंदर ने कहा कि हरा होना का एक कारण पानी में ठहराव हो सकता है। इस समय पानी भी कम होता है। इसमें काई बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। खासकर पानी में माइक्रोसिटिस की जांच होनी चाहिए।

नदी विशेषज्ञ और सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता उमेश शर्मा ने कहा कि इस समय गंगा में पानी कम है। इसके प्रवाह में काई की मात्रा अधिक होने से हरा दिखाई पड़ना एक कारण हो सकता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट अपनी जगह है लेकिन यह भी देखना होगा कि हरा होने के पीछे कारण क्या है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डीके चौहान ने कहा कि जलकुम्भी की वजह से गंगाजल हरा होने की संभावना नहीं है। काई बढ़ने से भी पानी हरा हो सकता है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप विश्वकर्मा ने दावे के साथ कहा कि प्रवाह कम होने से हरा दिखाई पड़ रहा है। जबकि इससे कोई खतरा नहीं है। ऊपर से हरा दिखाई पड़ पानी वास्तव में साफ है। वाराणसी जैसी स्थिति यहां नहीं है। क्षेत्रीय अधिकारी के मुताबिक पानी की जांच की गई है। जांच में सब सही मिला है। अतिरिक्त पानी छोड़ दिया जाए गंगाजल का रंग सामान्य हो जाएगा।

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