Prayagraj News: ड्रोन सर्वे से मालूम चलेगा शहर में क्यों हो रहा है जलभराव
Prayagraj News: प्रयागराज में जलभराव जैसी स्थिति को रोकने के लिए नगर निगम प्रशासन ने काम तेज कर दिया है। दारागंज और नैनी के 11 वर्ग किमी क्षेत्र का ड्रोन सर्वे पूरा हो चुका है। यह सर्वे जलभराव के कारणों की पहचान करने और शहरी विकास की योजना बनाने में मदद करेगा।

Prayagraj News: प्रयागराज। शहर में इस बार हुए जलभराव जैसी स्थिति से फिर न हो इसके लिए अब काम तेज हो गया है। नगर निगम प्रशासन की ओर से इसके लिए जिस कंपनी से समझौता हुआ था, उसने अपना काम शुरू कर लिया है। अब तक दारागंज और नैनी के 11 वर्ग किमी क्षेत्र का ड्रोन सर्वे पूरा हो चुका है। अभी काम चल रहा है। इससे मालूम चलेगा कि जलभराव वाले इलाकों में इसका कारण क्या है। डीएम ने इस काम की हर सप्ताह समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं, जिसके क्रम में काम प्रगति पर चल रहा है। ड्रोन के साथ डीजीपीएस (डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इससे क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और विभिन्न स्थानों की सटीक जानकारी जुटाई जा रही है। सर्वे का उद्देश्य शहरी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति का तकनीकी आकलन कर आगे की प्लानिंग के लिए जरूरी आधार तैयार करना है。
ड्रोन सर्वे और डीजीपीएस तकनीक
ड्रोन से हवाई सर्वे और डीजीपीएस के जरिए सटीक लोकेशन संबंधी आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। दारागंज और नैनी जैसे महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्रों में किए जा रहे इस सर्वे से उपलब्ध भौगोलिक और स्थानिक आंकड़ों को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। इन आंकड़ों का इस्तेमाल भविष्य में शहरी विकास, बुनियादी ढांचे और क्षेत्रवार योजनाएं तैयार करने में किया जा सकता है। नगर निगम की ओर से इस काम के लिए सीएंडडीएस से करार किया गया है। सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक सीडी मिश्रा ने बताया कि कंपनी ने अपना काम शुरू कर दिया है।
जल निकासी में सुधार
कई नए नाले भी मिल सकते हैं
इस सर्वे में कई छिपे नाले भी मिल सकते हैं। जिनसे जल निकासी को सामान्य किया जाएगा। पुराने नाले मिलने से परियोजना की आगे लागत कम हो सकती है।


