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जच्चा-बच्चा पर दिखे खतरा तो ऑपरेशन करना जरूरी

जच्चा-बच्चा पर दिखे खतरा तो ऑपरेशन करना जरूरी

संक्षेप:

Prayagraj News - डिलीवरी के समय जच्चा-बच्चा की सुरक्षा प्राथमिकता होती है। कभी-कभी बच्चे का सिर या पैर टेढा होता है, जिससे ऑपरेशन जरूरी हो जाता है। कुछ महिलाएं ऑपरेशन से इनकार करती हैं, ऐसे में डॉक्टर को 100 नंबर पर...

Mon, 27 Oct 2025 03:26 AMNewswrap हिन्दुस्तान, प्रयागराज
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डिलीवरी के समय डॉक्टर की सर्वोच्च प्राथमिकता होती है कि जच्चा-बच्चा को खतरा न हो। सुरक्षित डिलीवरी हो सके। लेकिन कभी-कभी स्थितियां ऐसी भी बनती हैं कि गर्भ में बच्चे का सिर या पैर आदि टेढा होता है, इसलिए ऑपरेशन अनिवार्य हो जाता है। लेकिन अक्सर देखने में आता है कि कुछ महिलाएं व उनके परिजन ऑपरेशन से डिलीवरी कराने से इनकार कर देते हैं। ऐसी स्थिति में जच्चा-बच्चा के लिए खतरा महसूस होने पर डॉक्टर को चाहिए कि 100 नंबर पर पुलिस को जरूर फोन करें। इससे यदि कुछ जोखिम होता है तो कानूनी प्रक्रिया से बच सकते हैं। यह विचार मुंबई के अधिवक्ता डॉ. अरुण मिश्र ने रविवार को इलाहाबाद नर्सिंग होम्स व निजी डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रीतमदास प्रेक्षागृह में आयोजित हेल्थकॉन-2025 सम्मेलन में व्यक्त किए।

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डॉ. मिश्र ने कहा कि आज के समय में इलाज की बदलती तकनीक और डॉक्टरों की सुरक्षा की दृष्टि से अस्पताल और नर्सिंग होम में लागू होने वाले मेडिको लीगल संबंधी जटिलताओं की जानकारी जरूरी है। मुख्य अतिथि एमएलसी डॉ. केपी श्रीवास्तव, विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीके सिंह, एमएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय, सीमएओ डॉ. एके तिवारी, नर्सिंग होम एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एमके सरावगी व सचिव डॉ. अफरोज खान ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ. अंजू गुप्ता और डॉ. राज किशोर अग्रवाल स्मृति व्याख्यान के तहत डॉक्टरों ने विचार व्यक्त किए। मेदांता लखनऊ के डॉ. निशांत मालवीय ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी के बहुत सकारात्मक परिणाम आते हैं। मरीज को ठीक होने में कम समय लगता है। नई दिल्ली के डॉ. संजय गुप्ता हार्ट अटैक अब बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गयी है बल्कि कम उम्र में तेजी से बढ़ गई है। वाराणसी के डॉ. अक्षय वत्रा ने कहा कि एफेरेसिस के माध्यम से रैंडम डोनर प्लेटलेट्स की जगह सिंगल डोनर प्लेटलेट्स का उपयोग करना चाहिए। स्वागत अध्यक्ष डॉ. आशीष टंडन, आभार ज्ञापन डॉ. पीयूष दीक्षित ने किया। इस मौके पर डॉ.बीबी अग्रवाल, डॉ. सुशील कुमार सिन्हा, डॉ.कार्तिकेय शर्मा, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. व्यंजना पांडेय, डॉ. पल्लवी सिंह, डॉ. रितु सिन्हा, डॉ. सबिता दीक्षित मौजूद रहीं।