नाटक ‘बकरी’ में दिखा समाज का कड़वा सच
Prayagraj News - उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा आयोजित नाट्य समारोह के तीसरे दिन इंदिरा गांधी कला संगीत विश्वविद्यालय के कलाकारों ने नाटक 'बकरी' का मंचन किया। यह नाटक समाज में भावनाओं के नाम पर ठगी की कहानी दर्शाता है, जिसमें तीन युवक दलित की बकरी चुराकर जनता से दान मांगते हैं।
उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) की ओर से आयोजित पांच दिवसीय भरतमुनि नाट्य समारोह के तीसरे दिन रविवार को संस्था इंदिरा गांधी कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़, छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने नाटक ‘बकरी’ का मंचन किया। नाट्य निर्देशन डॉ. शिशु कुमार सिंह का रहा और नाटक प्रख्यात साहित्यकार सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की रचना पर आधारित था। कलाकारों ने प्रस्तुति के जरिए समाज में भावनाओं के नाम पर ठगी की कहानी का कड़वा सच दिखाया। जो डकैत प्रवृत्ति के तीन युवक दुर्जन सिंह, कर्मवीर व सत्यवीर की ठगी पर केंद्रित रही। तीनों अपनी योजना के अनुसार गांव के दलित की बकरी को दीवान द्वारा चोरी करवा देते हैं।
साथ ही गांव के भोली-भाली जनता से गांधी जी की बकरी के नाम पर दान लेना शुरू कर देते हैं। ठीक उसी तरह जैसे नेता जनता को गुमराह करके चुनाव में जीत हासिल कर लेते हैं। मंच पर दीवान की भूमिका में हर्ष अग्रवाल, दुर्जन सिंह के रूप में ओमेंद्र पुरी गोस्वामी व कर्मवीर बने हर्षल मेश्राम के अभिनय को दर्शकों की खूब वाहवाही मिली। इसके पहले मुख्य अतिथि इविवि के सेंटर ऑफ मीडिया स्टडीज के कोर्स कोआर्डिनेटर डॉ. धनंजय चोपड़ा, केंद्र के निदेशक सुदेश शर्मा, उपनिदेशक डॉ. आदित्य श्रीवास्तव व डॉ. मुकेश उपाध्याय ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।
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