Prayagraj News: जिला अधिवक्ता संघ चुनाव से पहले घमासान
Prayagraj News: प्रयागराज में जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव को लेकर विवाद उभरा। नाराज अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर क्रमिक अनशन शुरू किया। संघ की कार्यकारिणी ने चुनाव समय पर कराने का दावा किया, जबकि चुनाव प्रक्रिया में बदलाव को लेकर कई अधिवक्ताओं ने आरोप लगाए।
Prayagraj News: प्रयागराज, विधि संवाददाता। जिला अधिवक्ता संघ इलाहाबाद के चुनाव को लेकर शुक्रवार को विवाद खुलकर सामने आ गया। चुनाव प्रक्रिया को लेकर नाराज प्रत्याशियों एवं अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पारित कर क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। वहीं संघ की कार्यकारिणी और एल्डर कमेटी ने चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराने का दावा करते हुए अधिवक्ताओं से संघ कार्यालय की तालाबंदी तत्काल समाप्त करने की अपील की है。
चुनाव प्रक्रिया में बदलाव
जिला अधिवक्ता संघ का चुनाव पहले 15 जुलाई को प्रस्तावित था, लेकिन बुधवार को तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी के अचानक त्यागपत्र देने के बाद पूरा घटनाक्रम बदल गया। इसके बाद कार्यकारिणी और एल्डर कमेटी ने दो घंटे के भीतर नए निर्वाचन अधिकारी एवं सहायक निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति करते हुए मतदान की नई तिथि 30 जुलाई घोषित कर दी। इसी निर्णय के विरोध में कई प्रत्याशी और अधिवक्ता आंदोलन पर उतर आए हैं।
नाराज पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
आंदोलनरत अधिवक्ताओं का आरोप है कि संघ का चुनाव अप्रैल माह में ही हो जाना चाहिए था, लेकिन कार्यकारिणी के कुछ पदाधिकारियों और कथित शरारती तत्वों के षड्यंत्र के कारण चुनाव प्रक्रिया लगातार टाली जाती रही। आंदोलनकारी अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने की बात कही तो उन पर दबाव बनाया गया और अंततः उनसे त्यागपत्र ले लिया गया। उनका आरोप है कि इसके बाद बिना आमसभा की स्वीकृति के संदिग्ध चरित्र के लोगों को नए निर्वाचन अधिकारियों की नियुक्ति कर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं की मांग है कि नए निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति केवल आमसभा के निर्णय से ही की जाए, जब तक ऐसा नहीं होगा, तब तक क्रमिक अनशन और आंदोलन जारी रहेगा।
कार्यकारिणी ने आरोपों को बताया निराधार
उधर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कृष्ण बिहारी तिवारी, मंत्री बरुन सिंह तथा एल्डर कमेटी के सदस्यों शीतला प्रसाद मिश्रा सहित अन्य ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्यकारिणी शुरू से ही समय पर चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध रही है। उनका कहना है कि निर्वाचन अधिकारी के अचानक त्यागपत्र देने से उत्पन्न परिस्थितियों में चुनाव प्रक्रिया को बचाने के लिए तत्काल नए निर्वाचन अधिकारी एवं सहायक निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति करना आवश्यक था। पदाधिकारियों के अनुसार चुनाव अब 30 जुलाई को कराया जाएगा और इसकी सभी तैयारियां जारी हैं।
तालाबंदी से रोजाना 50 हजार रुपये के नुकसान का दावा
कार्यकारिणी का आरोप है कि कुछ प्रत्याशियों द्वारा जिला अधिवक्ता संघ कार्यालय में ताला लगा दिया गया है, जिससे वकालतनामा, हलफनामा और अन्य प्रशासनिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। उनका कहना है कि इस कारण संघ को प्रतिदिन लगभग 50 हजार रुपये की आय का नुकसान हो रहा है, संघ पदाधिकारियों ने आंदोलनरत अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे संघ हित में तालाबंदी समाप्त कर कर्मचारियों को चाबी सौंप दें, ताकि न्यायिक कार्य सुचारु रूप से चलता रहे और चुनाव भी निर्धारित तिथि पर शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराया जा सके।
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