
CJI गवई ने जजों की नियुक्ति के लिए ‘कॉलेजियम’ सिस्टम की की सराहना
संक्षेप: Prayagraj News - भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति के ‘कोलेजियम’ सिस्टम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम न्यायपालिका को स्वतंत्र और मजबूत बनाता है। गवई ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान को देश की....
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति बीआर गवई ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति का कॉलेजियम सिस्टम न्यायपालिका को सरकार और संसद के दखल से दूर रखकर उसे स्वतंत्र और मजबूत बनाता है। उन्होंने उन आरोपों का खंडन किया कि 'न्यायाधीश खुद अपनी नियुक्ति करते हैं', और कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शी है।

इसमें राज्य सरकार, केंद्र सरकार, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कानूनी विभाग और खुफिया एजेंसियों की राय को भी शामिल किया जाता है। न्यायमूर्ति गवई ने भारत के संविधान की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि भारत में न्यायपालिका की स्वतंत्रता का आधार हमारा संविधान है। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रेय देते हुए कहा कि आज भारत एक मजबूत और एकजुट राष्ट्र है, तो यह संविधान की ही देन है।
पिछले 75 वर्षों में संविधान ने हर चुनौती का सामना करते हुए देश को एक सूत्र में बांधे रखा है, और यही चीज भारत को पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे राजनीतिक रूप से अस्थिर पड़ोसी देशों से अलग करती है।

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