Prayagraj News: चिल्ड्रेन अस्पताल में बेड फुल, उपचार का इंतजार बढ़ा
Prayagraj News: बच्चों की सेहत पर मौसम के उतार-चढ़ाव का असर पड़ रहा है। पिछले सप्ताह चिल्ड्रेन अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या में 15 से 20 फीसदी की वृद्धि हुई है। वायरल बुखार और अन्य प्राचीन बीमारियों के चलते बेड की कमी के कारण तीमारदार निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए मजबूर हैं।

Prayagraj News: मौसमी परिवर्तन का बच्चों की सेहत पर प्रभाव
बच्चों की सेहत पर गंभीर असर
मौसम में उतार-चढ़ाव का असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। पिछले एक सप्ताह से चिल्ड्रेन अस्पताल की ओपीडी में 15 से 20 फीसदी मरीजों की संख्या बढ़ गयी है। वायरल बुखार, डायरिया, सांस में तकलीफ, पेट में दर्द, खांसी-जुकाम से पीड़ित प्रतिदिन 30 से 40 बच्चों को भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है। लेकिन बेड खाली न होने के तीमारदार बच्चों को निजी अस्पताल में इलाज कराने का मजबूर हैं। तीमारदारों का कहना है कि जांच के लिए रक्त का सैंपल चिल्ड्रेन अस्पताल में निकलवाने के बाद एसआरएन अस्पताल आना पड़ता है। एसआरएन से मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग तक का चक्कर लगाना पड़ता है। जांच के लिए भागदौड़ करने के कारण मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है।
नए चिल्ड्रेन अस्पताल के निर्माण में देरी
एसआरएन अस्पताल परिसर में नौ साल पूर्व अत्याधुनिक चिल्ड्रेन अस्पताल के निर्माण की शुरुआत हुई थी लेकिन अभी तक अस्पताल का संचालन शुरू नहीं हुआ है। अस्पताल प्रशासन ने निर्माण एजेंसी को सितंबर तक बिल्डिंग हैंडओवर करने की अंतिम तिथि तय की है। लेकिन निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल में अभी बिजली के उपकरण और अग्निशमन यंत्र को लगाने का कार्य चल रहा है। यह कार्य नवंबर तक पूरा होने के आसार हैं। नए चिल्ड्रेन अस्पताल का संचालन शुरू न होने का खामियाजा वर्तमान में संचालित चिल्ड्रेन अस्पताल के मरीजों को उठाना पड़ता है। अस्पताल में प्रयागराज के अलावा 12 जिलों के मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं।
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