
माघ मेला की तैयारी में बाधा बना 11 हजार क्यूसेक पानी
संक्षेप: Prayagraj News - प्रयागराज में माघ मेला-2026 की तैयारियों में गंगा का बढ़ता जलस्तर मुश्किलें पैदा कर रहा है। कानपुर बैराज से 20 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है, जिससे मेले के लिए जगह की कमी हो रही है। प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने शासन को पत्र भेजकर डिस्चार्ज कम करने की मांग की है।
प्रयागराज। माघ मेला-2026 की तैयारी में गंगा का बढ़ा जलस्तर मुश्किल खड़ी कर रहा है। बाढ़ के बाद संगम क्षेत्र में खाली हुए कछार में मेले की तैयारी तेज हो गई है, लेकिन मेला का लगभग एक चौथाई हिस्से में अभी भी गंगा का प्रवाह है। बैराजों से भी गंगा में सामान्य से अधिक पानी डिस्चार्ज होने से समस्या बढ़ी है। एक अनुमान के अनुसार कानपुर बैराज से कम से कम 10 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज कम हो तो माघ मेला के लिए पूरी जमीन मिल सके। कानपुर बैराज से लगभग 20 हजार क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है।

बैराज से शनिवार को 19906 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसी प्रकार नरौरा बैराज से 9902 क्यूसेक और हरिद्वार से 14919 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। अब प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से डिस्चार्ज आधा से भी कम करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। पत्र के मुताबिक, कानपुर बैराज से अधिकतम नौ हजार क्यूसेक डिस्चार्ज होने पर ही माघ मेले का आयोजन सुचारू रूप से हो सकेगा। सिंचाई विभाग (बाढ़ प्रखंड) के अधिशासी अभियंता दिग्विजय नारायण शुक्ला ने बताया कि कानपुर के साथ नरौरा से भी गंगा में डिस्चार्ज कम करने के लिए पत्र भेजा गया है। नरौरा से डिस्चार्ज अधिकतम पांच हजार क्यूसेक करने का आग्रह किया गया है। नरौरा से डिस्चार्ज कम होने पर ही कानपुर बैराज से पानी कम किया जा सकेगा। अधिशासी अभियंता के अनुसार वर्तमान में गंगा का जलस्तर लगभग एक मीटर अधिक है। फाफामऊ का जलस्तर शनिवार सुबह आठ बजे 77.41 मीटर, छतनाग 74.43 मीटर रहा। नैनी में यमुना का जलस्तर 74.39 मीटर रिकॉर्ड किया गया।

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