भरणी नक्षत्र और शोभन योग वट सावित्री व्रत को बनाएंगे शुभ
Prayagraj News - प्रयागराज में ज्येष्ठ मास की कृष्णपक्ष की अमावस्या पर वट सावित्री व्रत और शनिदेव की जयंती का पर्व मनाया जाएगा। महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखेंगी, जबकि शनिदेव की कृपा के लिए विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। कई शुभ संयोग भी बन रहे हैं।

प्रयागराज, संवाददाता। ज्येष्ठ मास के कृष्णपक्ष की अमावस्या पर शनिवार को दो पर्व एक साथ मनाया जाएगा। जहां पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य व सुखद वैवाहिक जीवन के लिए महिलाएं वट सावित्री व्रत रखेंगी, वहीं शनिदेव की कृपा व शनि दोष से मुक्ति के लिए शनि जयंती का पर्व भी मनाया जाएगा। श्री स्वामी नरोत्तमानंद गिरि वेद विद्यालय के प्राचार्य ब्रजमोहन पांडेय ने बताया कि आज अमावस्या का मान सुबह 5.11 बजे से शुरू होकर रात 1.30 बजे तक व्याप्त रहेगा। वट सावित्री व्रत भरणी नक्षत्र, सौभाग्य व शोभन योग के संयोग में पर्व को अधिक शुभता प्रदान करेगी।वहीं व्रत के साथ ही शनि जयंती पर कई दुर्लभ संयोगों का महायोग बन रहा है।
उत्थान ज्योतिष व अध्यात्म संस्थान के निदेशक पं. दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि दशकों बाद शनि जयंती पर दुर्लभ संयोग व्याप्त रहेगा। शश महापुरुष योग, गजकेसरी योग, बुद्धादित्य योग, सौभाग्य व शोभन योग के प्रभाव और शनिदेव की कृपा से जीवन में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। जयंती पर अतरसुइया स्थित शनिधाम में शनिदेव का पंचामृत स्नान व तेल और जल से अभिषेक किया जाएगा। सवा मन देशी घी के लड्डू का भोग अर्पित किया जाएगा। बक्शी बांध स्थित कार्यक्रम संयोजक मनोज श्रीवास्तव की अगुवाई में शनिधाम में शनिदेव के सवा लाख मंत्रों का जप किया जाएगा।
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