जगत तारन में टैगोर की 165वीं जयंती पर गूंजे रवींद्र संगीत
जगत तारन गर्ल्स डिग्री कॉलेज में कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में प्रोफेसर अशिम मुखर्जी और प्रोफेसर अशिमा घोष ने दीप प्रज्वलन किया। छात्राओं ने रवींद्र संगीत प्रस्तुत किया। एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज में भी टैगोर की जयंती मनाई गई, जहाँ शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पुष्पांजलि अर्पित की।

जगत तारन गर्ल्स डिग्री कॉलेज में संगीत विभाग की ओर से कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के अध्यक्ष प्रो. अशिम मुखर्जी और प्राचार्या प्रो. अशिमा घोष ने गुरुदेव के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया। प्रो. अशिम मुखर्जी ने कहा कि गुरुदेव साहित्य, संगीत और कला के क्षेत्र में बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने बताया कि टैगोर ने भारत और बांग्लादेश दोनों देशों के राष्ट्रगान की रचना की। छात्राओं ने ‘बौड़ो आशा कोरे एशेछी’, ‘एकला चलो रे’ और ‘बोरिशो धरा माझे’ जैसे रवींद्र संगीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
डॉ. अंकिता चतुर्वेदी ने ‘पागला हावा बादल दिने’ की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नम्रता देब ने किया।एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज में मनी टैगोर जयंतीएंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज में शनिवार को रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती मनाई गई। प्रधानाचार्य स्वास्तिक बोस, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने गुरुदेव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। प्रवक्ता अनुपम परिहार ने टैगोर के साहित्य और भारतीय संस्कृति में योगदान पर प्रकाश डाला, जबकि जयदीप गांगुली ने गुरुदेव का गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने टैगोर के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
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