बांग्ला कलाकारों ने मंच पर संवेदनाओं को उभारा
Prayagraj News - प्रयागराज में भारत रंग महोत्सव के दूसरे दिन, बांग्ला कलाकारों ने विंसेंट वान गॉग के जीवन पर आधारित नाटक 'विंसेंट-एर मृत्यु' का मंचन किया। इस नाटक में चित्रकार की संवेदनात्मक यात्रा और संघर्ष को दर्शाया गया। कलाकारों ने प्रभावी ढंग से दर्शकों के सामने उनकी कहानी प्रस्तुत की।

प्रयागराज, संवाददाता। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) व उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) की ओर से केंद्र के सभागार में चल रहे भारत रंग महोत्सव के दूसरे दिन बांग्ला कलाकारों ने मंच पर मानवीय संवेदनाओं को उभारा। कोलकाता की नाट्य संस्था कासबा अर्घ्य के कलाकारों ने मनीष मित्रा लिखित व निर्देशित नाटक ‘विंसेंट-एर मृत्यु’ की प्रस्तुति की। नाट्य प्रस्तुति के केंद्र में विश्व प्रसिद्ध डच चित्रकार विंसेंट वान गॉग के जीवन को रंगमंचीय भाषा में प्रभावी रूप ढंग से साकार किया। चित्रकार की भूमिका में राजू बेड़ा व कौष्टव गुप्त ने मंच पर चित्रकार की संवेदनात्मक यात्रा का संघर्ष दिखाया।
जिसकी परिणति वर्ष 1890 में चित्रकार की मृत्यु के साथ होती है। सूत्रधार के रूप में अरिजीत चक्रवर्ती, शुभजीत चक्रवर्ती, सीमा घोष, मैरी आचार्य, गौरव मुखर्जी, बिनायक पाल, सौम्या हाजरा रहे। संगीत दल में गायक शिव प्रसाद भौमिक, कीबोर्ड पर अरिजीत मुखर्जी, गिटार पर देव प्रसाद रॉय ने मंची वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। इसके पहले मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक अजय कुमार मिश्र, केंद्र के निदेशक सुदेश शर्मा व उपनिदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय ने दीप प्रज्ज्वलित किया।
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