ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब नहीं चलेगा जुगाड़, मशीन लेगी टेस्ट

Piyush Kumar Srivastava हिन्दुस्तान, प्रयागराज
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Prayagraj News - प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में अब सिफारिश और जुगाड़ का रास्ता बंद

ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब नहीं चलेगा जुगाड़, मशीन लेगी टेस्ट

प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में अब सिफारिश और जुगाड़ का रास्ता बंद होने जा रहा है। परिवहन विभाग ने नैनी में अत्याधुनिक ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक सेंटर तैयार कर लिया है, जहां आवेदकों की ड्राइविंग क्षमता का परीक्षण पूरी तरह मशीनों और सेंसर के जरिए होगा। इससे ड्राइविंग टेस्ट प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी और योग्य लोगों को ही लाइसेंस मिल सकेगा।

नैनी स्थित हाईटेक सेंटर

नैनी स्थित इस हाईटेक सेंटर का निर्माण करीब एक वर्ष पहले पूरा हो गया था, लेकिन ड्राइविंग सिम्युलेटर और ऑटोमेटेड सिस्टम संचालित करने के लिए ऑपरेटर नहीं मिलने से व्यवस्था शुरू नहीं हो पा रही थी। अब संबंधित कंपनी ने संविदा पर आठ कर्मचारियों की तैनाती कर दी है। इन कर्मचारियों को मशीनों और सॉफ्टवेयर संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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ऑनलाइन टेस्ट रिकॉर्डिंग

आरटीओ हिमेश तिवारी ने बताया कि सेंटर को जल्द ही सारथी पोर्टल से लिंक किया जाएगा। इसके बाद आवेदकों का पूरा टेस्ट ऑनलाइन रिकॉर्ड होगा और सेंसर के आधार पर ही पास या फेल का परिणाम जारी किया जाएगा। ऑटोमेटेड ट्रैक पर वाहन चलाते समय सेंसर यह जांचेंगे कि चालक ने ब्रेक, क्लच, इंडिकेटर और लेन का सही उपयोग किया या नहीं। टेस्ट के दौरान किसी प्रकार की मानवीय दखलंदाजी नहीं होगी। विभाग का मानना है कि इससे सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी, क्योंकि बिना ड्राइविंग कौशल वाले लोगों को लाइसेंस मिलने पर रोक लगेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नैनी में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक सेंटर कब तैयार हुआ?
नैनी में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक सेंटर का निर्माण करीब एक वर्ष पहले पूरा हो गया था।
Piyush Kumar Srivastava

लेखक के बारे में

Piyush Kumar Srivastava

शॉर्ट बायो: पीयूष श्रीवास्तव पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ प्रयागराज में रेलवे, रोडवेज, एयरवेज, बिजली और बिजनेस की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।


परिचय एवं अनुभव
पीयूष श्रीवास्तव भारतीय प्रिंट व डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में पीयूष ‘हिन्दुस्तान’ अखबार व ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बिजनेस, बिजली व परिवहन की खबरों को देख रहे हैं। 2015 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।


करियर का सफर
पीयूष श्रीवास्तव ने अपने करियर की शुरुआत दिसंबर 2007 में ‘आई नेक्स्ट, दैनिक जागरण’ अखबार से की थी। इस दौरान क्राइम की खबरों पर महारत हासिल की। जून 2015 में ‘हिन्दुस्तान’ अखबार प्रयागराज में सेवाएं देना शुरू किया। 2015 से 2024 तक क्राइम की रिपोर्टिंग की। वर्तमान में रेलवे, रोडवेज और एयरवेज के साथ ही बिजली और अर्थ-व्यापार से जुड़ी खबरें लिख रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। स्टेट यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली। उसी वक्त से लगातार प्रिंट मीडिया में सक्रिय रहे हैं। शुरूआती दौर में क्राइम रिपोर्टिंग और अब रेलवे, रोडवेज, एयरवेज के साथ ही बिजली, बिजनेस और परिवहन की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।


रिपोर्टिंग और विजन
बिजली, परिवहन, बिजनेस, क्राइम की गतिविधियों की खबरों के साथ ही माघ मेला व कुम्भ मेला में रिपोर्टिंग का पीयूष श्रीवास्तव का लंबा अनुभव है। वर्ष 2025 में प्रयागराज में आयोजित सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुम्भ के दौरान रिपोर्टिंग टीम का नेतृत्व कर महाकुम्भ की कई स्पेशल स्टोरी की। 2013 के महाकुम्भ और 2019 के कुम्भ की रिपोर्टिंग का भी अनुभव है। पीयूष का मानना है कि सत्य, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए जनता की आवाज़ को सशक्त मंच देना ही पत्रकार का मुख्य दायित्व है।


विशेषज्ञता
प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड की रिपोर्टिंग का अनुभव।
प्रयागराज के चर्चित अतीक-अशरफ हत्याकांड की खास रिपोर्टिंग।
रेलवे, रोडवेज और एयरवेज की खबरों पर पैनी नजर।
जीएसटी के जानकार, व्यापारियों की समस्याओं की गहरी समझ।

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