संविधान विशेषज्ञ डॉ. सुभाष कश्यप के निधन से इविवि में शोक
प्रख्यात संविधान विशेषज्ञ, राजनीतिक चिंतक और पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. सुभाष कश्यप के निधन से शैक्षणिक एवं बौद्धिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। इलाह

प्रयागराज, कार्यालय संवाददाता। प्रख्यात संविधान विशेषज्ञ, राजनीतिक चिंतक और पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. सुभाष कश्यप के निधन से शैक्षणिक एवं बौद्धिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिवार ने भी उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो. पंकज कुमार के अनुसार डॉ. कश्यप इविवि के गौरवशाली पुराछात्र रहे। उन्होंने राजनीति विज्ञान विषय में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 1948 में इविवि छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए थे। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के बाद डॉ. कश्यप से दो साल इविवि छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे। डॉ. कश्यप एएन झा छात्रावास के अंतःवासी भी रहे और छात्र जीवन से ही नेतृत्व क्षमता तथा बौद्धिक प्रतिभा के लिए पहचाने जाते थे।
पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रयागराज से की थी।प्रो. पंकज कुमार ने बताया कि डॉ. सुभाष कश्यप देश के अग्रणी संविधान विशेषज्ञों में गिने जाते थे। भारतीय संविधान, संसदीय लोकतंत्र, विधायी प्रक्रियाओं और शासन व्यवस्था पर उनकी लिखी पुस्तकें आज भी शोधार्थियों, विद्यार्थियों और नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ मानी जाती हैं। संविधान की सरल और प्रभावी व्याख्या के कारण उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सम्मान प्राप्त हुआ।इविवि की पीआअरो प्रो. जया कपूर ने बताया कि डॉ. कश्यप का इविवि से गहरा भावनात्मक जुड़ाव था। वह वर्ष 2011 में विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने जर्नल ऑफ मीडिया स्टडीज का विमोचन किया था। इसके अलावा 14 नवंबर 2013 को नेहरू अध्ययन केंद्र के व्याख्यान कार्यक्रम में भी उन्होंने भाग लिया था। उनके निधन को विश्वविद्यालय ने देश की बौद्धिक और लोकतांत्रिक परंपरा की अपूरणीय क्षति बताया है।
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