
धनंजय सिंह को कोर्ट से झटका, नदेसर टकसाल केस में अपील खारिज
Prayagraj News - इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह की अपील खारिज कर दी है, जिसमें उन्होंने वाराणसी के नदेसर टकसाल शूटआउट मामले में आरोपियों को दोषमुक्त करने के फैसले को चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि केवल सरकार या पीड़ित ही ऐसे निर्णय को चुनौती दे सकते हैं। धनंजय सिंह पीड़ित नहीं हैं, इसलिए उनकी…
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के चर्चित नदेसर टकसाल शूटआउट (2002) मामले में आरोपियों को दोषमुक्त करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली पूर्व सांसद धनंजय सिंह की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि आपराधिक मामलों में आरोपी को बरी करने के फैसले को केवल राज्य सरकार या पीड़ित व्यक्ति ही चुनौती दे सकता है। चूंकि इस घटना में धनंजय सिंह के गनर और ड्राइवर घायल हुए थे, इसलिए कोर्ट ने माना कि वह खुद "पीड़ित" की परिभाषा में नहीं आते हैं, और इसलिए उन्हें दोषमुक्ति के खिलाफ अपील करने का कानूनी अधिकार नहीं है।

बता दें कि धनंजय सिंह ने इस मामले में तत्कालीन विधायक अभय सिंह, एमएलसी विनीत सिंह सहित छह लोगों के खिलाफ कैंट थाने में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर राज्य सरकार अपील करने के अपने अधिकार का प्रयोग नहीं करती है, तभी बीएनएसएस की धारा 413 पीड़ित को अपील का अवसर देती है।
इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराध केवल राज्य और समाज के विरुद्ध अपराध होता है, किसी व्यक्ति के विरुद्ध नहीं। इसलिए, इस एक्ट के तहत किसी भी व्यक्ति को सीधे प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार केवल राज्य सरकार के पास है। कोर्ट ने कहा कि अपीलार्थी इस अधिनियम के तहत कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं करा सकता, जिसके कारण कैंट थाने में दर्ज मुकदमे को गैंगस्टर एक्ट की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

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