Prayagraj News: व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश, 154 शिकायतें आईं
Prayagraj News: करछना तहसील में सोमवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस में व्यवस्थाओं में खामियां मिलने पर अपर आयुक्त त्रिभुवन ने अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए। 154 प्रार्थनापत्रों में से 8 का मौके पर निस्तारण किया गया। 13 गंभीर मामलों की जांच उप जिलाधिकारी को करने के आदेश दिए गए।

Prayagraj News: करछना तहसील में सोमवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में व्यवस्थाओं में खामियां मिलने पर अपर आयुक्त (प्रशासन), प्रयागराज मंडल त्रिभुवन ने अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए। मंडलायुक्त के निर्देश पर आयोजित समाधान दिवस में अधिकारियों की उपस्थिति पंजिका के निरीक्षण में अनियमितता मिलने पर उपस्थित अधिकारियों के नाम, पदनाम, हस्ताक्षर और आगमन समय दर्ज करने वाली सुव्यवस्थित पंजिका तैयार करने को कहा गया। बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित अधिकारियों का वेतन संतोषजनक स्पष्टीकरण और डीएम की अनुमति तक नहीं निकालने के निर्देश दिए। शिकायती प्रार्थनापत्र रजिस्टर में दर्ज नहीं करने और शिकायतकर्ताओं को रिसीविंग नहीं देने पर भी नाराजगी जताई गई। सभागार में शिकायतकर्ताओं के बैठने और क्रमवार आवेदन प्रस्तुत करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा। समाधान दिवस में कुल 154 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए। इनमें 130 राजस्व, पांच पुलिस, छह विकास, दो विद्युत और 11 अन्य विभागों से संबंधित थे। आठ मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया। शेष शिकायतों को एक सप्ताह में और विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 15 दिन में गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही शिकायतकर्ता से फोन पर निस्तारण की पुष्टि कराने को कहा गया。
13 गंभीर मामलों की एसडीएम करेंगे जांच
अत्यंत गंभीर प्रकृति के 13 मामलों की जांच उप जिलाधिकारी को स्वयं करने और एक सप्ताह में कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को निस्तारण की गुणवत्ता का स्वयं परीक्षण करने को कहा गया। असंतोषजनक निस्तारण मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ विधिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। ग्रामसभा या सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतों की जांच एसडीएम और तहसीलदार को स्वयं करने के निर्देश दिए गए। विशेष परिस्थितियों में नायब तहसीलदार से जांच कराई जा सकती है, लेकिन ऐसे मामलों की जांच उनसे नीचे के अधिकारी से नहीं कराने को कहा गया। निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से वार्ता कर संतुष्टि सुनिश्चित करने और असंतोष होने पर दोबारा जांच कर गुणवत्तापूर्ण समाधान कराने के निर्देश दिए गए।


