Prayagraj Murder Case: जब घर से निकले 4 शव, तब भीड़ में खड़ा था सनी; लेकिन CCTV से नहीं छिप पाया

sandeep हिन्दुस्तान, वरिष्ठ संवाददाता, प्रयागराज
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प्रयागराज के साउथ मलाका हत्याकांड में आरोपी सनी गुप्ता ने खुलासा किया कि परिवार के चार सदस्यों की हत्या के बाद वह 11 घंटे तक मकान में छिपा रहा। जेवरात के बंटवारे को लेकर विवाद होने पर उसने साथी अभिषेक की भी हत्या कर दी। वारदात के बाद वह भीड़ में खड़े होकर पुलिस कार्रवाई भी देखता रहा।

Prayagraj Murder Case: जब घर से निकले 4 शव, तब भीड़ में खड़ा था सनी; लेकिन CCTV से नहीं छिप पाया

प्रयागराज के साउथ मलाका चौराहे के पास एक ही परिवार के चार लोगों की नृशंस हत्या के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी सनी गुप्ता ने कई चौंकाने वाली जानकारियां दी हैं। पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी करीब 11 घंटे तक उसी मकान में छिपा रहा और सबूत मिटाने की कोशिश करता रहा।सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि हत्या के बाद दो दिनों तक सनी ने अपनी दुकान नहीं खोली, लेकिन वह लगातार घटनास्थल के आसपास मंडराता रहा। मंगलवार को जब पुलिस चारों शवों को बाहर निकाल रही थी, तब भी वह भीड़ में खड़ा होकर पूरा घटनाक्रम देख रहा था। उसे विश्वास था कि पुलिस उस तक नहीं पहुंच पाएगी, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मंगलवार देर रात उसके घर पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

अभिषेक ने सनी के साथ मिलकर मां-बाप और बहन को मारा

जांच में सामने आया है कि रविवार शाम अभिषेक और सनी ने मिलकर परिवार के सदस्यों की हत्या की साजिश को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, अभिषेक ने अपने दोस्त सनी को बीयर और कचौड़ी के साथ बुलाया था। दोनों ने शराब पीने के दौरान परिवार की हत्या कर जेवरात लूटने की योजना बनाई। शाम करीब पांच बजे सबसे पहले अभिषेक की बहन मीनाक्षी को निशाना बनाया गया। जैसे ही वह दुकान खोलने के लिए नीचे आई, उस पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया गया। इसके बाद दोनों आरोपियों ने अभिषेक के माता-पिता की भी हत्या कर दी।

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खून के धब्बे हटाए, शवों को कपड़े से ढका

हत्या के बाद दोनों ने घर में रखे जेवरात समेटे और अलमारी से सामान निकालकर शवों के ऊपर फेंक दिया। पुलिस के अनुसार, सबूत मिटाने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य सामान पानी की टंकी में डाल दिए गए। वारदात के बाद सनी ने रसोई में पानी गर्म कर डिटर्जेंट से खून के निशान साफ किए और रात भर घर के अंदर ही छिपा रहा। पुलिस पूछताछ में सनी ने बताया कि भोर में उसने मृतक वीरेंद्र वैश्य के कपड़े और जूते पहनकर घर से बाहर निकलने की कोशिश की। जेवरात से भरा बैग पहले मकान के पीछे फेंका और बाद में उसे उठाकर अपनी दुकान में रख दिया। जल्दबाजी में अपनी चप्पल और हत्या में इस्तेमाल लोहे की पाइप घर में ही छोड़ देने के कारण वह दोबारा मकान में घुसा और उन्हें लेकर बाहर निकला।

गहने के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था

पुलिस के मुताबिक, लूटे गए जेवरात के बंटवारे को लेकर अभिषेक और सनी के बीच विवाद हो गया था। इसी विवाद में सनी ने लोहे की रॉड से हमला कर अभिषेक की भी हत्या कर दी। मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

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