प्रतीक के अंतिम संस्कार की तैयारी, लखनऊ में ही गोमती किनारे भैंसाकुंड घाट पर होगी अंत्येष्टि

Yogesh Yadav लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता
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मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार आज सुबह 11:30 बजे लखनऊ में ही गोमती किनारे भैंसाकुंड घाट पर किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत की वजह फेफड़ों की मुख्य नस में खून का थक्का जमना (पल्मोनरी एम्बोलिज्म) बताया गया है।

सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार लखनऊ में ही गोमती किनारे भैंसाकुंड घाट पर होगा। इसके लिए सुबह 11.30 का समय निर्धारित किया गया है। 38 वर्षीय प्रतीक का बुधवार सुबह निधन हो गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक फेफड़े की मुख्य नस में खून का थक्का फंसने से ऑक्सीजन स्तर कम हो गया, जिससे उनकी मौत हो गई। शरीर पर चोटों के छह निशान भी मिले हैं। घटना के समय प्रतीक यादव की पत्नी व राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव शहर से बाहर थीं। सूचना मिलते ही वह दोपहर में लखनऊ पहुंच गईं। सैफई और इटावा से भी मुलायम परिवार के लोग लखनऊ पहुंच गए हैं।

प्रतीक यादव की मौत की सूचना पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, सपा और भाजपा के तमाम नेता पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी दलों के नेताओं ने घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और परिजनों को ढांढस बंधाया। शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपर्णा के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी थी।

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प्रतीक के साथ हुआ क्या था?

प्रतीक यादव के करीबियों और घरवालों के मुताबिक तड़के करीब साढ़े चार बजे उनकी तबीयत बिगड़ी। वह पानी पीने के लिए किचन में गए और वहीं बेहोश होकर गिर गए। यह देख ड्राइवर ने उनके साले अमन बिष्ट को फोन कर सूचना दी। आनन-फानन सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डाक्टरों को बताया गया। इमरजेंसी से एक डॉक्टर घर पहुंचे। हालत ठीक न होने पर एंबुलेंस से प्रतीक को लेकर सिविल अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया। वहां डॉक्टरों की टीम ने ईसीजी समेत दूसरी जांचें कीं। इसके बाद प्रतीक को मृत घोषित कर दिया।

सिविल अस्पताल ने पुलिस को भेजा मेमो

सिविल अस्पताल से प्रतीक का डेथ मेमो (मौत की सूचना) पुलिस को भेजी गई। एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल, इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह और इंस्पेक्टर गौतमपल्ली अस्पताल पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम में फेफड़े की मुख्य नस में खून का थक्का फंसने से मौत की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही जांच के लिए हार्ट-विसरा सुरक्षित किया गया है। पुलिस उपायुक्त मध्य विक्रांत वीर, गौतमपल्ली थाने की पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल निरीक्षण किया। साक्ष्य संकलन कर उन्हें जांच के लिए सुरक्षित कर लिया।

लंबी जद्दोजहद के बाद पोस्टमार्टम को राजी हुए परिवारीजन

प्रतीक की मौत के बाद परिवार के कुछ सदस्य पोस्टमार्टम कराने को राजी नहीं थे। घटना के वक्त अस्पताल में 10-15 करीबी लोग थे। कुछ लोग बॉडी को बिना पोस्टमार्टम घर ले जाना चाह रहे थे। एम्बुलेंस में शव रख भी लिया गया था। बाद में कुछ लोग पोस्टमार्टम कराने की जिद करने लगे। अस्पताल प्रशासन ने दोबारा शव एम्बुलेंस से उतरवाया और पंचनामा कराकर शवकेजीएमयू पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया।

छह डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी में किया पोस्टमार्टम

प्रतीक के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर केजीऐमयू के फोरेंसिक विभाग की डॉ. मौसमी सिंह, सीनियर रेजिडेंट डॉ. फातिमा हर्षा व प्रान्तीय चिकित्सा के चार अन्य डॉक्टरों का पैनल गठित किया गया। सुबह करीब आठ बजे पोस्टमार्टम शुरू होकर 10:30 बजे समाप्त हुआ। इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई। विस्तृत जांच के लिए हार्ट व विसरा सुरक्षित रखा गया है।

कई बीमारियों की चपेट में थे

चिकित्सीय जानकारी के मुताबिक प्रतीक लंबे समय से ब्लड प्रेशर, हाईपरटेंशन और डीवीटी (डीप वेन थ्रॉम्बोसिस) जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। डॉक्टरों की सलाह पर नियमित रूप से दवाएं ले रहे थे। उनका इलाज मेदांता अस्पताल में चल रहा था।

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योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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