ई-मेल से इजहार, इंस्टाग्राम पर तकरार, प्रतीक-अपर्णा की लव स्टोरी फिल्मी कहानी से कम नहीं
प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की प्रेम कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी रही, जिसकी शुरुआत स्कूल के दिनों में ई-मेल के जरिए हुए इजहार-ए-मोहब्बत से हुई थी। करीब 10 साल के अफेयर के बाद 2011 में सैफई में दोनों की शादी हुई थी।

मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के अचानक निधन ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। लखनऊ से लेकर सैफई और इटावा तक शोक की लहर है। इस बीच प्रतीक और अपर्णा के बीच प्यार और तकरार की बातें भी चर्चा का विषय बन रही हैं। प्रतीक-अपर्णा की शादी करीब 15 साल पहले 2011 में हुई थी। इससे पहले करीब 10 साल दोनों में प्रेम संबंध रहा। अपर्णा से स्कूल के दिनों में हुई प्रतीक की मुलाकात प्यार में बदली, जो शादी तक पहुंची। दोनों के प्यार की कहानी किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है। ईमेल से प्यार के इजहार से लेकर इंस्टाग्राम पर तकरार एक बार तो तलाक की धमकियों तक पहुंच गई थी। जब लगा एक खूबसूरत प्रेम कहानी बिखर रही है तो दोनों ने उसे अपनी मोहब्बत से फिर संभाल लिया।
प्रतीक और अपर्णा की प्रेम कहानी स्कूली दिनों में शुरू हुई। स्कूली दिनों में कॉमन दोस्तों के साथ इनकी मुलाकातें होती थीं। दोनों में आकर्षण था। हालांकि, 2001 के पहले तक इसका इजहार नहीं हुआ था। दोनों के करीबी लोग बताते हैं कि अपर्णा और प्रतीक की एक कॉमन दोस्त की जन्मदिन की पार्टी में दोनों की मुलाकात हुई। तब प्रतीक हाईस्कूल में थे। उन्होंने वहीं अपर्णा से बातचीत की और संवाद का सिलसिला बनाए रखने के लिए ई-मेल आईडी मांगी। यह वह दौर था, जब मोबाइल इतना सामान्य नहीं हुआ करता था।
दोनों के बीच ई-मेल आईडी साझा हुईं तो प्रतीक अपर्णा को नियमित ई-मेल करने लगे। वह अपर्णा को ई-मेल से अपने दिल का हाल बताने लगे। इन सबसे बेखबर अपर्णा ने काफी दिनों तक अपना ई-मेल चेक ही नहीं किया था। जब उन्होंने किसी रोज ई-मेल देखा तो प्रतीक के प्रेम के इजहार को अस्वीकार नहीं कर सकीं। इस तरह से दोनों के बीच प्रेम का संबंध पनपा जो दोनों की पढ़ाई पूरी होने तक जारी रहा। इसके बाद दोनों ने अपने-अपने परिवार में इसकी जानकारी दी और उनकी रजामंदी से दोनों की शादी हो गई।
हाई-प्रोफाइल थी शादी
अपर्णा और प्रतीक की शादी एक हाई-प्रोफाइल समारोह था। मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव में 4 दिसंबर 2011 को हुए इस समारोह में तमाम नामचीन हस्तियां जुटी थीं। अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अनिल अंबानी जैसे वीवीआईपी पहुंचे थे। लखनऊ से सैफई तक इस शादी का जश्न मना था।
फिटनेस फ्रीक प्रतीक और शास्त्रीय गायिका अपर्णा
विदेश में पढ़े अपर्णा और प्रतीक के शौक बेहद अलग थे। प्रतीक फिटनेस फ्रीक थे, जबकि अपर्णा को शौक संगीत रहा। अपर्णा एक प्रशिक्षित शासत्रीय गायिका हैं। वहीं, प्रतीक सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव से प्रेरित होकर बॉडी बिल्डिंग करते थे। मुलायम भी अपनी नौजवानी के दिनों में पहलवानी करते थे। सितंबर 2012 में उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त बॉडीबिल्डिंग वेबसाइट पर 'द इंटरनेशनल ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ द मंथ' के रूप में दिखाया गया था। अपने-अपने शौक के इतर दोनों ने अपनी पढ़ाई विदेश में पूरी की थी। अपर्णा मैनचेस्टर विश्वविद्यालय में पढ़ीं जबकि प्रतीक लीड्स विश्वविद्यालय में।
तकरार ने पकड़ी जोरों की चर्चा
जनवरी 2026 में एकाएक प्रतीक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट कर अपर्णा पर काफी आरोप लगाए और तलाक तक की धमकी दे दी थी। एक प्रेम कहानी के ऐसे मोड़ पर आने को लोगों ने मान लिया था कि यह रिश्ता अब नहीं बचेगा। उन्होंने अपर्णा यादव को एक परिवार तोड़ने वाली महिला बताया था। उन्होंने अपना मानसिक स्वास्थ्य खराब होने की बात भी कही थी। हालांकि, दोनों ने मिलकर बाद में सब ठीक कर लिया था। प्रतीक ने आरोपों वाली पोस्ट हटा भी ली थीं। साथ ही यह भी कहा था कि राजनीतिक वजहों से अपर्णा ज्यादातर बाहर रहती हैं, लेकिन परिवार में सब ठीक है।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


