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16 जनवरी, 2021|2:58|IST

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महिलाओं को कुपोषण से बचना जरूरी

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गृह वैज्ञानिक स्वाती दीपक दुबे ने कहा कि महिलाएं सर्वाधिक कुपोषण का शिकार होती हैं। बायो फोर्टीफाइड प्रजातियों का उपयोग करके कुपोषण से बचा जा सकता है। यह ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें पौध प्रजनन (ब्रीडिंग) के जरिए फसलों में कुछ पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ा दी जाती है।

राजा दिनेश सिंह कृषि विज्ञान केन्द्र में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में उन्होंने किसानों को यह जानकारी दी। महिलाओं को प्रेरित कर कहा कि आहार में पोषक तत्वों का होना शरीर के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। यह बीमारियों से बचाता है। शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है। असंतुलित भोजन कर लोग नई बीमारियों को आमंत्रित करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने 5600 से अधिक नई प्रजातियां विकसित की हैं जो पोषण सुरक्षा के लिए बहुत कारगर साबित हो रही हैं। धान की नई प्रजातियों के साथ ही सरसों, मक्का, अनार, आलू आदि की नई प्रजातियां पोषक तत्वों से भरपूर हैं। इस मौके पर डा. एके श्रीवास्तव, डॉ.रणजीत सिंह, नवीन सिंह आदि मौजूद रहे।