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25 अक्तूबर, 2020|10:29|IST

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निर्माणाधीन दीवार गिरने से निलंबित सफाईकर्मी की मौत

निर्माणाधीन दीवार गिरने से निलंबित सफाईकर्मी की मौत

1 / 2मजदूरी कर रहे निलंबित सफाईकर्मी व उसके साथी मजदूर के ऊपर निर्माणाधीन दीवार गिर गई। दोनों को गांव के लोग निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने सफाईकर्मी को मृत घोषित कर दिया। रानीगंज इलाके...

निर्माणाधीन दीवार गिरने से निलंबित सफाईकर्मी की मौत

2 / 2मजदूरी कर रहे निलंबित सफाईकर्मी व उसके साथी मजदूर के ऊपर निर्माणाधीन दीवार गिर गई। दोनों को गांव के लोग निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने सफाईकर्मी को मृत घोषित कर दिया। रानीगंज इलाके...

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मजदूरी कर रहे निलंबित सफाईकर्मी व उसके साथी मजदूर के ऊपर निर्माणाधीन दीवार गिर गई। दोनों को गांव के लोग निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने सफाईकर्मी को मृत घोषित कर दिया। रानीगंज इलाके के बांसी निवासी राजेश सरोज (38) बेलखरनाथ में सफाईकर्मी था। उसे 10 माह पहले निलंबित किया गया था। चार बच्चों के साथ अपना और पत्नी का पेट पालने के लिए वह मजदूरी करने लगा। बुधवार को वह गांव के रामसुख (50) के साथ कंधई इलाके के दिलीपपुर बाजार के पास बाराघट में मकान का निर्माण करने गया था। निर्माणाधीन दीवार ढहने से मलबे में दबकर राजेश गंभीर रूप से घायल हुआ जबकि रामसुख को मामूली चोट लगी। स्थानीय लोगों ने दीवार का मलबा हटाकर राजेश व रामसुख को निजी वाहन से जिला अस्पताल भेजा। वहां डॉक्टरों ने राजेश को मृत घोषित कर दिया। रामसुख का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।

राजेश के परिवार पर संकट

राजेश पत्नी फूला देवी, बड़े बेटे विपिन, निखिल व दो बेटी श्रेया और प्रियंका का पालन पोषण करता था। निलंबित होने के बाद परिवार में रोटी का संकट खड़ा हो गया। लगातार अफसरों के घर चक्कर काटने के बाद राजेश को सफलता नहीं मिली तो वह मजदूरी करने लगा। बुधवार को हादसे में उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल में राजेश की बिलखती हुई पत्नी फूला यही कह रही थी कि उसने शाम को घर लौटने को कहा था।

आधा वेतन भी नहीं मिल रहा था राजेश को

निलंबित करने के बाद आधा वेतन भी नहीं दिया जा रहा था। राजेश के पिता रामकिशोर ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों ने बहाल करने के लिए कोई पहल नहीं की तो परिवार को बिखरते देख राजेश मजदूरी करने लगा था। इनका कहना है राजेश को लगभग दस माह पहले शिकायत के बाद उच्चाधिकारियों ने निलंबित किया था। घटना की जानकारी के बाद राजेश के परिवार को हर सम्भव मदद का प्रयास किया जा रहा है।

उमेश यादव, बीडीओ बेलखरनाथ ब्लॉक