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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश प्रतापगढ़ - कुंडाइस बार मुफ्त किताबें बांटने में होगी मुश्किल

इस बार मुफ्त किताबें बांटने में होगी मुश्किल

हिन्दुस्तान टीम,प्रतापगढ़ - कुंडाNewswrap
Tue, 13 Jul 2021 10:41 PM
इस बार मुफ्त किताबें बांटने में होगी मुश्किल

प्राथमिक स्कूल के बच्चों को मुफ्त किताब बांटने में इस बार गुरुजी को पसीना बहाना होगा। मुख्यालय से स्कूल पहुंचीं किताबों को बांटने के लिए शिक्षकों को बच्चों और उनके अभिभावकों से सपंर्क करना होगा। अगर कोई बच्चा नहीं आ सका है तो किताब उसके घर पहुंचानी होगी। नई व्यवस्था से शिक्षकों की मुश्किल बढ़ेगी।

जिले में संचालित 2376 प्राथमिक स्कूल, 15 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय व 83 सहायता प्राप्त स्कूल के कक्षा छह से आठ तक के बच्चों को शासन की तरफ से मुफ्त किताबें दी जानी हैं। इन स्कूलों में 2.57 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। कोरोना काल की वजह से स्कूल बंद हैं, लेकिन शिक्षकों को विभागीय कामकाज निपटाने के लिए स्कूल बुलाया जा रहा है। मुफ्त किताबों का वितरण शिक्षकों को ही कराना होगा। इस बार व्यवस्था में बदलाव किया गया है। बीते वर्ष में अभिभावक व बच्चे स्कूल आकर किताबें ले गए थे। इस बार भी अभिभावक व बच्चों को स्कूल बुलाकर वितरण का निर्देश दिया गया है। ऐसे बच्चे व अभिभावक अगर किसी कारणवश स्कूल नहीं आ सके हैं तो शिक्षकों को उनके घर जाकर किताब पहुंचानी होगी। शिक्षकों को किताब वितरण के दौरान कोविड प्रोटोकाल का भी ध्यान रखना होगा।

मुख्यालय पहुंचीं किताबों की पहली खेप

बच्चों को मुफ्त वितरण के लिए जिले में 16 लाख किताबों की जरूरत है। इसकी पहली खेप में 2.5 लाख किताबें मुख्यालय पहुंच गई हैं। बीएसए कार्यालय पर किताबों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसके बाद किताबें बीआरसी के जरिए स्कूलों तक पहुंचाई जाएंगी।

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