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2 दिसंबर, 2020|12:28|IST

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सरेंडर कॉमर्शियल वाहनों की जांची गई हकीकत

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अपर आयुक्त परिवहन के निर्देश पर एआरटीओ ने अपनी टीम के साथ लॉकडाउन के दौरान सरेंडर किए गए कॉमर्शियल वाहनों की वर्तमान स्थिति देखी। महज दो घंटे के अंदर ऐसे 43 कॉमर्शियल वाहनों की स्थिति खंगाली गई जो तीन माह पूर्व सरेंडर किए गए थे। हालांकि जांच में वाहन स्वामियों के खिलाफ ऐसा साक्ष्य नहीं मिला जिससे कार्रवाई की जा सके।

महामारी की रोकथाम के लिए घोषित लॉकडाउन में वाहनों का संचालन भी बंद कर दिया गया था। ऐसे में जिले के 93 वाहन स्वामियों ने अपने वाहन का अभिलेख एआरटीओ दफ्तर में जमा कर वाहन सरेंडर कर दिया था। यह सभी वाहन अभी सरेंडर की स्थिति में हैं। बुधवार को अपर आयुक्त परिवहन ने प्रदेशभर के एआरटीओ को एक साथ सरेंडर किए गए कॉमर्शियल वाहनों की वर्तमान स्थिति जांचने का निर्देश दिया। निर्देश के मुताबिक सरेंडर किए गए 10 वाहनों में से एक वाहन की हकीकत जांचनी थी। अपर आयुक्त परिवहन का निर्देश मिलने के बाद एआरटीओ सुशील कुमार मिश्र अपनी टीम के साथ सरेंडर वाहनों की हकीकत खंगालने निकल पड़े। निर्धारित समय दो घंटे में उन्होंने 43 वाहनों की चेकिंग की। यह सभी वाहन वाहन स्वामी के घर खड़े मिले।

रोड टैक्स बचाने के लिए करते हैं सरेंडर : कॉमर्शियल वाहनों का हर महीने एआरटीओ दफ्तर में रोड टैक्स जमा करना होता है। ऐसे में वाहन संचालन नहीं होने की दशा में वाहन स्वामी अभिलेख जमा कर वाहन सरेंडर कर देता है। इसके बाद जब भी आवश्यकता होती है, अभिलेख प्राप्त कर फिर से वाहन का संचालन शुरू कर दिया जाता है।

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  • Web Title:Surrender commercial vehicles were tested reality