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30 अक्तूबर, 2020|1:42|IST

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दुकानदारों के आगे ध्वस्त प्रशासन के मानक

दुकानदारों के आगे ध्वस्त प्रशासन के मानक

1 / 6पर्व पर दुकानें खोलने की छूट मिली तो लोगों का मनमाना रवैया सामने आ गया। रविवार को दुकानें खोलने के लिए प्रशासन की ओर से निर्धारित सभी मानक ध्वस्त हो गए। दुकानदार भी जल्दबाजी में मास्क व सोशल...

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2 / 6पर्व पर दुकानें खोलने की छूट मिली तो लोगों का मनमाना रवैया सामने आ गया। रविवार को दुकानें खोलने के लिए प्रशासन की ओर से निर्धारित सभी मानक ध्वस्त हो गए। दुकानदार भी जल्दबाजी में मास्क व सोशल...

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3 / 6पर्व पर दुकानें खोलने की छूट मिली तो लोगों का मनमाना रवैया सामने आ गया। रविवार को दुकानें खोलने के लिए प्रशासन की ओर से निर्धारित सभी मानक ध्वस्त हो गए। दुकानदार भी जल्दबाजी में मास्क व सोशल...

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4 / 6पर्व पर दुकानें खोलने की छूट मिली तो लोगों का मनमाना रवैया सामने आ गया। रविवार को दुकानें खोलने के लिए प्रशासन की ओर से निर्धारित सभी मानक ध्वस्त हो गए। दुकानदार भी जल्दबाजी में मास्क व सोशल...

दुकानदारों के आगे ध्वस्त प्रशासन के मानक

5 / 6पर्व पर दुकानें खोलने की छूट मिली तो लोगों का मनमाना रवैया सामने आ गया। रविवार को दुकानें खोलने के लिए प्रशासन की ओर से निर्धारित सभी मानक ध्वस्त हो गए। दुकानदार भी जल्दबाजी में मास्क व सोशल...

दुकानदारों के आगे ध्वस्त प्रशासन के मानक

6 / 6पर्व पर दुकानें खोलने की छूट मिली तो लोगों का मनमाना रवैया सामने आ गया। रविवार को दुकानें खोलने के लिए प्रशासन की ओर से निर्धारित सभी मानक ध्वस्त हो गए। दुकानदार भी जल्दबाजी में मास्क व सोशल...

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पर्व पर दुकानें खोलने की छूट मिली तो लोगों का मनमाना रवैया सामने आ गया। रविवार को दुकानें खोलने के लिए प्रशासन की ओर से निर्धारित सभी मानक ध्वस्त हो गए। दुकानदार भी जल्दबाजी में मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए बिना सामान बेचते दिखे।

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए पूरी तरह से बंद चल रहे शहर में रक्षाबंधन के मद्देनजर प्रशासन की ओर से निर्धारित शर्तों पर रविवार को राखी व मिठाई की दुकानें खोलने की छूट दी गई। इसके लिए सुबह नौ से शाम पांच बजे तक का समय निर्धारित किया गया। रविवार सुबह निर्धारित समय से पहले ही शहर में मिठाई व राखी की कई दुकानें खुल गईं। हालांकि खरीदारों की भीड़ 10 बजे से जुटना शुरू हुई। जैसे-जैसे दुकानों पर ग्राहक बढ़ते गए, प्रशासन के मानक ध्वस्त होते गए। दोपहर तक दुकानदार सारे मानक तार-तार कर सिर्फ अपना सामान बेचने में मशगूल दिखे। ग्राहक की छोड़िए, दुकानदार भी बिना मास्क लगाए व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए बगैर सामान बेचने में जुटे रहे। अधिकांश दुकानों पर सेनिटाइजर अथवा हाथ धोने के लिए साबुन-पानी की व्यवस्था नहीं रही।

कंटेनमेंट जोन के लोग भी भीड़ में शामिल : शहर के जिन स्थानों को प्रशासन की ओर से कंटेनमेंट जोन घोषित कर सील कराया गया है, उन मोहल्लों के लोग भी बैरिकेडिंग हटाकर बाहर निकले और भीड़ में खरीदारी करते दिखे। इससे संक्रमण बढ़ने का अंदेशा बढ़ जाता है।

आधा भी नहीं हुआ कारोबार : शहर में राखी व मिठाई की दुकान चलाने वालों की मानें तो अन्य वर्षों की अपेक्षा इस बार पर्व पर कारोबार आधे से भी कम हुआ है। अम्बेडकर चौराहे पर मिठाई की दुकान चलाने वाले सुनील मौर्या बताते हैं कि पर्व पर एक सप्ताह पहले से ही बिक्री शुरू हो जाती थी। इस बार संक्रमण के कारण ऐन वक्त पर भी खरीदार नहीं दिख रहे हैं। पर्व के एक दिन पहले दो से तीन लाख की बिक्री होती थी। इस बार 50 हजार तक पहुंचना भी मुश्किल लग रहा है। इसी तरह राखी बेचने वाले रामफल का कहना है कि पिछले वर्ष की बची हुई राखियां भी नहीं बिक सकी हैं। इस बार जानबूझकर नई राखियां नहीं खरीदी गईं।

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  • Web Title:Standards of administration in front of shopkeepers